'पुलिस की निगरानी में रखा गया', ममता ने पुलिसकर्मियों पर भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह काम करने का लगाया आरोप
ममता बनर्जी ने बारुईपुर नाबालिका दुष्कर्म-हत्या मामले पर टीएमसी रैली के दौरान भाजपा और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
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ममता बनर्जी ने भाजपा और पुलिस प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप (फोटो-पीटीआई)
HighLights
ममता बनर्जी ने पुलिस और भाजपा पर पक्षपात का आरोप लगाया।
बारुईपुर मामले पर टीएमसी रैली में झड़प हुई।
पुलिस पर भाजपा को सूचना देने का आरोप लगाया गया।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता में बारुईपुर नाबालिका दुष्कर्म-हत्या मामले के विरोध में आयोजित तृणमूल कांग्रेस की रैली के दौरान हुई झड़प के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि हाईकोर्ट की अनुमति के बावजूद रैली में भाजपा समर्थकों ने हमला किया और पुलिस ने निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई।
ममता बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल की रैली शांतिपूर्ण ढंग से निकाली जा रही थी, लेकिन रैली में शामिल कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि कई कार्यकर्ता घायल हुए और उन्हें स्वयं बाहर निकलकर घायलों की मदद करनी पड़ी।
ममता ने आरोप लगाया कि अदालत ने हैंड माइक के उपयोग की अनुमति दी थी, लेकिन पुलिस ने उसे भी जब्त कर लिया। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि रैली मार्ग पर भाजपा समर्थकों ने तेज ध्वनि में संगीत बजाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ थाना प्रभारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का आचरण निष्पक्ष नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का एक वर्ग तृणमूल के कार्यक्रमों की जानकारी भाजपा कार्यकर्ताओं तक पहुंचा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता जताई और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में वृद्धि का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने और राज्य में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
उधर, इस मामले में भाजपा या पुलिस की ओर से ममता बनर्जी के आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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