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Hijab Row Kolkata: शिक्षिका को हिजाब पहनने से रोका तो कॉलेज जाना किया बंद, अधिकारी बोले- यह सिर्फ गलतफहमी थी

कलकत्ता विश्वविद्यालय से जुड़े एक निजी विधि महाविद्यालय की एक शिक्षिका से संस्थान के अधिकारियों द्वारा कार्यस्थल पर हिजाब पहनने से परहेज करने का कथित अनुरोध किया गया। जिसके बाद शिक्षिका ने इस्तीफा दे दिया और विद्यार्थियों की क्लासेज लेना भी बंद कर दिया। हालांकि जब मामला सार्वजनिक हो गया और हंगामा मच गया तो कॉलेज प्रशासन ने दावा किया कि यह गलतफहमी का नतीजा है।

By Jagran News Edited By: Versha Singh Published: Tue, 11 Jun 2024 09:51 AM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 09:51 AM (IST)
Hijab Row Kolkata: शिक्षिका को हिजाब पहनने से रोका तो कॉलेज जाना किया बंद

पीटीआई, कोलकाता। कलकत्ता विश्वविद्यालय से संबद्ध एक निजी विधि महाविद्यालय की एक शिक्षिका ने संस्थान के अधिकारियों द्वारा कार्यस्थल पर हिजाब पहनने से परहेज करने के कथित अनुरोध के बाद इस्तीफा दे दिया और कक्षाओं में जाना बंद कर दिया।

हालांकि, जब मामला सार्वजनिक हो गया और हंगामा मच गया, तो कॉलेज प्रशासन ने दावा किया कि यह गलतफहमी का नतीजा है और वह अपना इस्तीफा वापस लेकर मंगलवार को वापस आ जाएंगी।

एलजेडी लॉ कॉलेज में पिछले तीन वर्षों से शिक्षिका रहीं संजीदा कादर ने 5 जून को इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि उन पर आरोप था कि कॉलेज प्रशासन ने उन्हें 31 मई के बाद कार्यस्थल पर हिजाब न पहनने का निर्देश दिया था।

उन्होंने कहा, "कॉलेज शासी निकाय के आदेश से मेरे मूल्यों और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।"

संजीदा मार्च-अप्रैल से ही कार्यस्थल पर हिजाब पहन रही थीं और पिछले सप्ताह यह मुद्दा और अधिक बढ़ गया।

हालांकि, सूत्रों ने बताया कि उनके इस्तीफे के सार्वजनिक होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने उनसे संपर्क किया और इस बात पर जोर दिया कि यह महज एक गलतफहमी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी काम के दौरान सिर को कपड़े से ढकने पर रोक नहीं लगाई थी।

उन्होंने कहा, "सोमवार को मुझे कार्यालय से एक ईमेल मिला। मैं अपने अगले कदमों का विश्लेषण करूंगी और फिर निर्णय लूंगी। लेकिन मैं मंगलवार को कॉलेज नहीं जा रही हूं।"

ईमेल में कहा गया था कि सभी संकाय सदस्यों के लिए ड्रेस कोड के अनुसार, जिसकी समय-समय पर समीक्षा और मूल्यांकन किया जाता है, वह कक्षाएं लेते समय अपने सिर को ढकने के लिए दुपट्टा या स्कार्फ का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र थी।

कॉलेज गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन गोपाल दास ने पीटीआई से कहा, कोई निर्देश या निषेध नहीं था और कॉलेज के अधिकारी सभी की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हैं। वह मंगलवार को कक्षाएं फिर से शुरू करेंगी। कोई गलतफहमी नहीं है। हमने उनके साथ लंबी चर्चा की। शुरुआती घटनाक्रम कुछ गलतफहमी का नतीजा था।

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