कोलकाता में 4 बड़े पूजा पंडाल बंद, उत्सव के माहौल पर छाई उदासी; चेतला अग्रणी में भी टला हादसा
कोलकाता के चेतला अग्रणी पूजा पंडाल में महासप्तमी की शाम भारी भीड़ के कारण भगदड़ टल गई, जहां आयोजकों और पुलिस ने सूझबूझ से स्थिति संभाली।

कोलकाता के चेतला अग्रणी पूजा पंडाल में टला बड़ा हादसा(फोटो: पीटीआई)
HighLights
चेतला अग्रणी पंडाल में भारी भीड़ से हादसा टला।
बारिश के कारण अचानक बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या।
चोरबागान त्रासदी के बाद कई पंडाल हुए बंद।
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। कोलकाता में महासप्तमी की शाम दक्षिण कोलकाता के प्रसिद्ध चेतला अग्रणी पूजा पंडाल में एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया। पंडाल के भीतर अचानक श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई, जिससे अत्यधिक दबाव की स्थिति पैदा हो गई।
खतरे को समय रहते भांपते हुए आयोजकों और तैनात पुलिस बल ने तुरंत सूझबूझ दिखाई। उन्होंने पंडाल में नए श्रद्धालुओं के प्रवेश पर फौरन रोक लगा दी और अंदर मौजूद लोगों को बिना किसी अफरा-तफरी के सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बारिश बनी भीड़ का कारण
आयोजक सब्यसाची चौधरी के अनुसार, शनिवार को अचानक हुई तेज बारिश के चलते बाहर मौजूद लोग भीगने से बचने के लिए पंडाल के भीतर शरण लेने लगे। इससे अंदर अचानक भारी भीड़ जमा हो गई और दबाव बढ़ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिस ने तुरंत पंडाल खाली कराने का निर्देश दिया।
आयोजकों ने मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिए, सभी आपातकालीन निकास खोल दिए और रास्ते में लगे बैरिकेड्स हटा दिए, जिससे भीड़ बिना किसी बाधा के तेजी से बाहर निकल गई और भगदड़ जैसी अनहोनी नहीं हुई।
चोरबागान त्रासदी के बाद कई प्रमुख पंडालों ने बंद किए कपाट
चेतला अग्रणी की यह घटना उत्तरी कोलकाता के चोरबागान पूजा पंडाल में हुए दर्दनाक हादसे के तुरंत बाद घटी। उस त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों के सम्मान और एहतियाती सुरक्षा के मद्देनजर शहर के कई नामी पंडालों जैसे कॉलेज स्क्वायर और मोहम्मद अली पार्क ने अपने दर्शन बंद कर दिए।
वहीं उत्तरी कोलकाता के प्रसिद्ध ताला प्रत्यय पंडाल के मुख्य आयोजक रितेश तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की सलाह पर पंडाल को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। चूंकि यह कम रोशनी वाली थीम पर आधारित पंडाल है, इसलिए पुलिस और प्रशासन के साथ विस्तृत समीक्षा व प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के बाद ही इसे दोबारा खोला जाएगा।
उत्सव की चमक और शोर को किया गया सीमित
शहर के अन्य प्रमुख पूजा आयोजकों ने भी सुरक्षा नियमों को कड़ा करते हुए उत्सव के तौर-तरीकों में बदलाव किए हैं। पार्क स्ट्रीट के एलन पार्क में, जहां पहली बार दुर्गा पूजा आयोजित हो रही है, चोरबागान हादसे के शोक में लेजर शो और लाउड म्यूजिक को बंद कर दिया गया।
संतोष मित्रा स्क्वायर के आयोजक सजल घोष ने बताया कि उन्होंने निकास द्वारों को चौड़ा कर दिया है और सीमित संख्या में ही लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।
वहीं, सुरुचि संघ के आयोजक सौरव सिकदार ने स्पष्ट किया कि उनका पंडाल खुला और हवादार है, फिर भी अतिरिक्त स्वयंसेवक तैनात कर प्रतिमा के आगे भीड़ को रुकने से रोका जा रहा है ताकि श्रद्धालु निरंतर आगे बढ़ते रहें।
