भीड़, बारिश और एक ही गेट: कोलकाता भगदड़ में होम गार्ड की भूमिका पर उठे सवाल, 7 आरोपियों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत
कोलकाता के चोरबागान दुर्गापूजा पंडाल में हुई भगदड़ के मामले में पुलिस ने पूजा कमेटी के सचिव-उपाध्यक्ष सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

चोरबागान भगदड़ में सात गिरफ्तार, गैर इरादतन हत्या का केस (फोटो- पीटीआई)

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गापूजा पंडाल में शनिवार शाम को हुई भगदड़ की घटना में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार क10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेद दिया गया है। इनमें पूजा कमेटी के सचिव व उपाध्यक्ष, एक निजी सुरक्षा एजेंसी के दो अधिकारी व अन्य शामिल हैं। पुलिस ने पूजा आयोजकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से पूजा आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोलकाता पुलिस की प्रारंभिक जांच में भीड़ नियंत्रण में गंभीर खामियों, पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की कमी और प्रवेश-निकास के संकरे रास्तों की बात सामने आई है।
घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा हैं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 लोग घायल हैं और उनका उपचार चल रहा है।
पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों, पंडाल के प्रवेश और निकास मार्गों, भीड़ नियंत्रण तथा सुरक्षा इंतजामों की जांच शुरू की है। आयोजकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

कैसे बिगड़ी पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था?
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि पंडाल में भीड़ का दबाव बढ़ने के बावजूद उसे नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए गए थे। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं।
जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने भगदड़ की परिस्थितियों और उसके कारणों की जांच के लिए एक तथ्य-जांच टीम गठित करने की भी घोषणा की।
टीम घटना से जुड़ी परिस्थितियों की पड़ताल करेगी, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद सीएम ने कहा कि पंडाल के भीतर नहीं बल्कि निकासी गेट के निकट घटना हुई है।

आसपास के इलाकों में तीन दिनों तक निषेधाज्ञा
पुलिस ने चोरबागान और आसपास के इलाकों में तीन दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू की है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जुटने पर रोक रहेगी।
सेंट्रल एवेन्यू, कालेज स्ट्रीट और कोलूटोला समेत कई इलाकों में धारा 163 लागू कर दी गई है। पुलिस का उद्देश्य हादसे के बाद किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकना और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

माइक पर गूंजा- ‘पंडाल गिर रहा है, बाहर निकलें’, फिर मची भगदड़
कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गापूजा पंडाल में 17 अक्टूबर की शाम माइक से की गई एक घोषणा के बाद भगदड़ मच गई। तेज बारिश के बीच पंडाल में मौजूद लोगों से कहा गया कि पंडाल की हालत बहुत खराब है और वह गिर सकता है। लोगों को तुरंत बाहर निकलने की हिदायत दी गई।
इस घोषणा से दर्शनार्थियों में ऐसी दहशत फैली कि हर कोई जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागने लगा। संकरे रास्तों पर भीड़ का दबाव बढ़ने से कई लोग गिर पड़े और कुचलने की स्थिति बन गई। पुलिस माइक से की गई घोषणा के पीछे की वजह और उसे करने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है।

बड़े दुर्गापूजा पंडालों की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने बनाई टीम
इस हादसे के बाद राज्य सरकार ने शहर के बड़े और लोकप्रिय दुर्गापूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है।
गठित टीम शहर के प्रमुख पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, निकास मार्गों और पंडालों की संरचनात्मक मजबूती की जांच करेगी। निरीक्षण के बाद टीम अपनी रिपोर्ट गृह सचिव को सौंपेगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घायलों से अस्पताल जाकर मिले गृह मंत्री शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घायल हुए लोगों से रविवार को यहां अपोलो अस्पताल जाकर मुलाकात की। गृह मंत्री ने उनका हाल जाना और चिकित्सकों से भी उनके स्वास्थ्य के बारे में बात की। इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उनके साथ थे।
घायलों से मुलाकात से पहले गृह मंत्री मुख्यमंत्री शुभेंदु के साथ चोरबागान में पूजा पंडाल में हादसे वाली जगह भी पहुंचे और वहां का जायजा लिया। उससे पहले सुबह में गृह मंत्री ने कालीघाट मंदिर जाकर दर्शन-पूजन किया।
मालूम हो कि शनिवार रात कोलकाता दौरे पर पहुंचे शाह ने इस हादसे के बाद बंगाल में रविवार को हावड़ा के बेलूर मठ सहित विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में जाने के अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए थे।

दुर्गा पूजा पंडालों में अब नहीं होगी वीआइपी लाइन
कोलकाता के चोरबागान दुर्गापूजा पंडाल में भगदड़ की घटना से सबक लेते हुए बंगाल सरकार ने कोलकाता के प्रमुख दुर्गापूजा पंडालों में वीआइपी प्रवेश व्यवस्था समाप्त करने का फैसला किया है।
अब सभी लोगों को एक ही कतार से प्रवेश करना होगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को राज्य पुलिस मुख्यालय भवानी भवन में पुलिस अधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद इसकी घोषणा की।
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