'मां, मुझे शक्ति दो'; दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल में भावुक हुए सांसद कल्याण बनर्जी
लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी पश्चिम बंगाल में एक दुर्गा पूजा पंडाल में देवी दुर्गा की पूजा करते हुए भावुक हो गए।
-1792432241525_m.webp)
सांसद कल्याण बनर्जी दुर्गा पूजा पंडाल में हुए भावुक

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। लोकसभा सांसद और ममता बनर्जी के करीबी कल्याण बनर्जी सोमवार को पश्चिम बंगाल में एक दुर्गा पूजा पंडाल के अंदर देवी दुर्गा की पूजा करते समय भावुक हो गए। देवी दुर्गा की एक भव्य प्रतिमा के पास बैठे बनर्जी भावविभोर हो गए और उन्होंने देवी के सम्मान में एक संस्कृत श्लोक का पाठ किया, जिसके बाद वे रो पड़े।
उन्होंने कैमरे के सामने कहा, 'मां, मुझे बुद्धि दो, मुझे शक्ति दो, मुझे ज्ञान दो, मुझे भक्ति दो।' बनर्जी 'सेरामपुर 5 और 6 पल्ली ग्रुप एंड बिजनेस एसोसिएशन' पंडाल की पूजा के मुख्य संरक्षक थे। हर साल, वह हुगली में सेरामपुर स्टेशन के पास स्थित RMS ग्राउंड में एक भव्य पूजा का आयोजन करते थे।
कल्याण बनर्जी दुर्गा पूजा पंडाल में हुए भावुक
इस साल, सत्ताधारी दल (BJP) से जुड़े लोगों ने RMS ग्राउंड में पूजा का आयोजन किया है। इसलिए, बनर्जी ने 'गंगा दर्शन' में आयोजित पूजा में हिस्सा लिया, जहां वे रहते हैं। इससे पहले दिन में उन्होंने एक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के लिए कोलकाता पुलिस को जिम्मेदार ठहराया।
इस हफ्ते की शुरुआत में हुई इस भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा, 'देखिए, मैंने पहले ही कहा था कि यहां पूरी तरह से कुप्रबंधन है।
कोलकाता पुलिस कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर, असिस्टेंट कमिश्नर और स्टेशन ऑफिसर - ये सभी अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे हैं। पुलिस क्या कर रही थी? उन्होंने इसकी अनुमति कैसे दी?'
बंगाल हादसे के लिए सीएम जिम्मेदार: बनर्जी
बनर्जी ने बताया कि पंडाल के एंट्री और एग्जिट काफी काफी सकरा था। उन्होंने आगे कहा, 'पंडाल का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर किया था।क्या उन्होंने ध्यान नहीं दिया कि वहां इंतजाम में कमी थी? वहां पुलिस की मौजूदगी भी बहुत कम थी। यह राज्य प्रशासन की पूरी विफलता है।'
उन्होंने इस हादसे के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया। कोलकाता पुलिस ने भगदड़ के मामले में पूजा आयोजकों सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
इनमें आयोजन समिति के सदस्य - चोरबागन सर्वजनीन दुर्गोत्सव समिति के महासचिव राज कुमार सेवदा और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे - के अलावा बांस का ढांचा बनाने वाले बिप्लब मुखर्जी और भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी संभालने वाले कौशिक साहा और पिंटू डे शामिल हैं। और सुमन चक्रवर्ती तथा राजेश पाल, जो निजी सुरक्षा के प्रभारी थे।
