'हम PM मोदी के साथ करेंगे काम', काकोली घोष ने ममता के 20 बागी नेताओं के साथ NDA में शामिल होने का किया एलान
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी रहीं काकोली घोष दस्तीदार ने घोषणा की है कि वह और तृणमूल छोड़ चुके 20 सांसद लोकसभा में एनडीए का समर्थन करेंगे।
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काकोली घोष समेत TMC के 20 सांसद NDA को देंगे समर्थन (फोटो-पीटीआई)
HighLights
काकोली घोष दस्तीदार और 20 पूर्व टीएमसी सांसद एनडीए में।
मानसून सत्र से पहले बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम।
राष्ट्र निर्माण और सुचारु संसद कार्यवाही में सहयोग करेंगे।
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी रहीं और बाद में तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर पिछले माह एनसीपीआइ में शामिल हुईं वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार को घोषणा की कि वह और तृणमूल छोड़ चुके 20 सांसद लोकसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होंगे।
संसद के मानसून सत्र से पहले इस घोषणा को बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
NDA को समर्थन देंगे TMC के 20 सांसद
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस छोड़ने वाले 20 सांसद अब एनसीपीआइ के संसदीय दल के तहत काम कर रहे हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए के साथ काम करने का निर्णय लिया है।
काकोली घोष ने कहा कि उनका समूह राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सरकार का सहयोग करेगा। काकोली ने कहा, 'हम 20 पूर्व तृणमूल सांसद एनडीए गठबंधन में शामिल हो रहे हैं। हमने सर्वदलीय बैठक में भी स्पष्ट किया है कि हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। हमारे 20 सांसदों में आठ महिला सांसद भी हैं और सरकार जिन मुद्दों को सदन में लाएगी, उन पर हम उसका साथ देंगे।'
काकोली घोष ने बताया कि एनसीपीआइ संसदीय दल की बैठक में मानसून सत्र की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। संसद में आने वाले पांच-छह महत्वपूर्ण विधेयकों पर रचनात्मक बहस में भाग लेने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहस जरूरी है, लेकिन संसद का समय बाधित करना देश और जनता के हित में नहीं है।
काकोली ने कहा कि कराधान, जन्म और मृत्यु पंजीकरण सहित सभी महत्वपूर्ण विषयों पर उनका दल गंभीरता से अपनी बात रखेगा, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगा कि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चले।
गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के हाथों तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में लगातार टूट जारी है। कई सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता तृणमूल छोड़ चुके हैं।
इसी क्रम में काकोली घोष दस्तीदार और अन्य नेताओं ने अलग संसदीय समूह बनाकर एनसीपीआइ में शामिल हो गए थे। वहीं, पार्टी के भीतर ऋतब्रत बनर्जी समेत कई विधायक व नेता भी पार्टी नेतृत्व को खुली चुनौती दे चुके हैं।
