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बंगाल की कानून व्यवस्था पर अमित शाह की बड़ी समीक्षा, महिला सुरक्षा और घुसपैठ रोकने पर विशेष जोर

Published: Sun, 19 Jul 2026 11:13 PM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में बंगाल की कानून व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की, जिसमें महिला सुरक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण और आंतरिक सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया।

अमित शाह ने बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था पर की समीक्षा (जागरण)

अमित शाह ने बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था पर की समीक्षा (जागरण)

HighLights

  1. महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश।

  2. राज्य में विशेष जांच एजेंसी गठित करने पर बल।

  3. पुलिस आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने का आश्वासन।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कोलकाता में बंगाल की कानून व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, न्याय प्रणाली और पुलिस तंत्र को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

यहां अलीपुर स्थित सरकारी सौजन्य गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, राज्य के मुख्य सचिव, केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा बंगाल सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

शाह ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश देते हुए 'महिला आउटरीच कार्यक्रम' शुरू करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीण महिलाओं के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उन्हें जागरूक और सशक्त बनाने पर जोर दिया।

शाह ने कहा कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर राज्य सरकार सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क कर सकती है।

बैठक में राज्य की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, एंटी टेररिस्ट स्क्वाड और राष्ट्रीय जांच एजेंसी की तर्ज पर राज्य में विशेष जांच एजेंसी गठित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया गया।

Amit Shah in Bengal (1)

साथ ही बंगाल से जुड़े सभी आतंकवाद और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के मामलों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा गहन समीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। सीमावर्ती क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में बंगाल पुलिस की क्षमता बढ़ाने, आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने और आधुनिक सुविधाओं के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। गृह मंत्री ने पुलिस आधुनिकीकरण और सेवा वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त बजटीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

इसके तहत पुलिस बल के कैडर की समीक्षा कर उसकी संख्या राष्ट्रीय औसत के अनुरूप बढ़ाने, पुलिस जिलों का तर्कसंगत पुनर्गठन करने, सभी रिक्त पदों को समयबद्ध ढंग से भरने और प्रशिक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया। साथ ही नागरिक स्वयंसेवकों पर निर्भरता चरणबद्ध तरीके से कम करते हुए कांस्टेबलों की भर्ती को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पूर्व वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित सुरक्षा शिविरों के एक-तिहाई हिस्से को जन सुविधा केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा, ताकि वहां लोगों को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इसके अलावा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में क्षमता निर्माण, मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए एनसीओआरडी की नियमित बैठकें आयोजित करने तथा कोलकाता के लिए व्यापक बाढ़ प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक के अंत में विभिन्न प्राथमिकताओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

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