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पत्नी के प्रेमी की हत्या के मामले में पति समेत तीन दोषियों को उम्रकैद, डायमंड हार्बर अदालत ने सुनाई सजा

Published: Wed, 14 Oct 2026 11:05 PM (IST)Updated: Wed, 14 Oct 2026 11:13 PM (IST)

दक्षिण 24 परगना की डायमंड हार्बर अदालत ने पत्नी के प्रेमी की हत्या के मामले में पति समेत तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा (प्रतीकात्मक फोटो)

तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. डायमंड हार्बर कोर्ट ने तीन को उम्रकैद सुनाई।

  2. पति ने पत्नी के प्रेमी की हत्या की थी।

  3. साक्ष्य मिटाने के लिए अतिरिक्त सजा भी मिली।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर की अतिरिक्त सत्र अदालत (फास्ट ट्रैक, तृतीय) ने हत्या के एक मामले में महिला के पति समेत तीन आरोपितों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

अदालत ने हत्या के साथ साक्ष्य मिटाने के मामले में भी उन्हें दोषी ठहराया। मामला करीब चार साल पहले मथुरापुर थाना क्षेत्र के सुबुद्धिपुर में हुई हत्या से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, पत्नी के साथ हबीबुल्ला पाइक के विवाहेतर संबंध की जानकारी मिलने के बाद उसके पति असगर लस्कर ने हत्या की साजिश रची थी।

9 फरवरी 2022 को सुबुद्धिपुर में एक अज्ञात व्यक्ति का सिरविहीन शव मिला था। बाद में उसकी पहचान हबीबुल्ला पाइक के रूप में हुई। पास के एक तालाब से उसका सिर भी बरामद किया गया था।

जांच के बाद पुलिस ने असगर लस्कर, अजहर लस्कर और रबिउल सरदार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की हत्या, साक्ष्य मिटाने और साझा मंशा से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था।

24 गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर सजा

मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी प्रसेनजीत जाना और वर्तमान जांच अधिकारी अभिषेक चक्रवर्ती ने 24 गवाहों के बयान तथा अन्य साक्ष्य अदालत में पेश किए।

सरकारी अधिवक्ता विभास चट्टोपाध्याय के अनुसार, इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर तीनों को दोषी ठहराया गया। अदालत ने हत्या के मामले में तीनों को उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, साक्ष्य मिटाने के अपराध में दो साल की अतिरिक्त सश्रम कैद का भी आदेश दिया।

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