बक्सा टाइगर रिजर्व से 390 किमी दूर असम पहुंची बाघिन लापता, तलाश में जुटे वनकर्मी
बिहार से बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व लाई गई एक बाघिन असम के रायमोना नेशनल पार्क के पास लापता हो गई है।

बिहार से बंगाल लाई गई बाघिन असम में लापता (फोटो-जागरण)
HighLights
बक्सा टाइगर रिजर्व से लाई गई बाघिन लापता हुई।
असम के रायमोना नेशनल पार्क के पास से गायब।
रेडियो कॉलर से सिग्नल मिलना भी बंद हुआ।
जागरण संवाददाता, अलीपुरद्वार। बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से विशेष विमान के जरिए बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में बक्सा टाइगर रिजर्व लाई गई बाघिन अब बंगाल और असम, दोनों राज्यों के वन विभाग के लिए चुनौती बन गई है।
बक्सा के जंगल से निकलकर करीब 390 किलोमीटर का सफर तय करने वाली बाघिन असम के रायमोना नेशनल पार्क के आसपास पहुंचने के बाद अचानक लापता हो गई है। अब उसकी कोई लोकेशन नहीं मिली है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि उसके गले में लगाए गए रेडियो कालर से भी सिग्नल मिलना बंद हो गया है।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार बाघिन की तलाश शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को भी असम के विभिन्न इलाकों में वनकर्मियों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
बंगाल और असम के वनकर्मी उसकी तलाश में जंगलों की खाक छान रहे हैं। वनकर्मियों का शुरुआती अनुमान है कि बाघिन किसी ऐसे क्षेत्र में चली गई होगी, जहां रेडियो कालर का सिग्नल नहीं मिल पा रहा है।
इधर, राज्य के वन मंत्री मनोज कुमार ओरांव 31 अक्टूबर को असम के रायमोना नेशनल पार्क का दौरा करने वाले हैं। इसके बाद दो नवंबर को भी उनका असम दौरा प्रस्तावित है।
वन मंत्री ने कहा कि हम बाघिन को वापस लाएंगे। हर चुनौती का सामना करेंगे। फिलहाल दोनों राज्यों के वन विभाग की प्राथमिकता बाघिन का पता लगाना और उसे सुरक्षित स्थान पर वापस लाना है।

दो अक्टूबर को बाघिन को खुले जंगल में छोड़ा गया था
गौरतलब है कि गत दो अक्टूबर को बक्सा टाइगर रिजर्व के जंगल में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान बाघिन को खुले जंगल में छोड़ा गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और राज्य के वन मंत्री मनोज कुमार ओरांव समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद थे।
बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से बाघिन को वायुसेना के विशेष विमान से बंगाल लाया गया था। उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष मानिटरिंग टीम गठित की गई थी और गले में रेडियो कालर लगाया गया था।
रायमोना नेशनल पार्क में पहले से ही छह बाघ
बक्सा के जंगल में छोड़े जाने के कुछ दिनों बाद ही बाघिन ने अपना ठिकाना बदल लिया। गत शनिवार को वह करीब 390 वर्ग किलोमीटर का सफर तय कर असम के रायमोना नेशनल पार्क के आसपास पहुंच गई थी।
जानकारी के अनुसार, रायमोना नेशनल पार्क में पहले से छह बाघ मौजूद हैं। हालांकि, बाघिन मुख्य जंगल में प्रवेश नहीं कर पाई थी। उसकी मौजूदगी राजेंद्रपुर और हाथीगढ़ के आसपास के रिहायशी इलाकों में देखी गई थी। इससे स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ गई थी।
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