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कोलकाता में आरोपियों को अर्धनग्न घुमाने पर मानवाधिकार आयोग सख्त, पुलिस आयुक्त से मांगी रिपोर्ट

Published: Thu, 29 Oct 2026 11:40 PM (IST)

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कोलकाता पुलिस द्वारा सरसुना में तीन आरोपितों को अर्धनग्न घुमाने के मामले में स्वतः संज्ञान लिया ...और पढ़ें

मानवाधिकार आयोग ने कोलकाता पुलिस पर सवाल उठाए।

मानवाधिकार आयोग ने कोलकाता पुलिस पर सवाल उठाए।

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बेहाला के सरसुना में तीन आरोपितों को हाफ पैंट पहनाकर, कमर में रस्सी बांधकर सड़क पर घुमाने के मामले में कोलकाता पुलिस की भूमिका पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सवाल उठाए हैं।

आयोग ने गुरुवार को स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस आयुक्त अजय नंद से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्हें दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

आयोग ने मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पूछा है कि सरसुना में वास्तव में क्या हुआ था और क्या खबरों में दी गई जानकारी सही है।

यदि पुलिस ने आरोपितों को इस तरह सड़क पर घुमाया, तो किस कानून के तहत ऐसा किया गया? आयोग का कहना है कि यदि खबरों की पुष्टि होती है, तो पुलिस का यह आचरण मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला हो सकता है।

युवती के स्वजनों पर भी गंभीर आरोप

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना रविवार शाम की है। 18 वर्षीय युवक अपने 19 वर्षीय दोस्त के साथ सरसुना में अपनी नाबालिग प्रेमिका से मिलने गया था। बातचीत के दौरान युवक ने कथित तौर पर युवती से अश्लील हरकत की।

इसे युवती के मामा के एक मित्र ने देख लिया और घरवालों को सूचना दी। इसके बाद युवती के स्वजन दोनों युवकों को घर ले गए और कथित तौर पर लंबे समय तक बंधक बनाकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया।

आरोप है कि युवती के पिता ने युवक के पिता को भी बुला लिया। इसके बाद तीनों को बंदूक का भय दिखाकर कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया और घर के सामने करीब 50 मीटर तक अर्धनग्न अवस्था में चलाया गया। सरसुना थाने की पुलिस ने इस मामले में युवती के पिता, मामा और उनके एक मित्र को गिरफ्तार किया था।

अगले दिन घटना का पुनर्निर्माण कराने के लिए पुलिस तीनों को इलाके में ले गई। आरोप है कि उस दौरान उन्हें केवल हाफ पैंट पहनाकर, कमर में रस्सी बांधकर करीब 100 मीटर तक चलाया गया। पुलिस हिरासत में आरोपितों के साथ किए गए इस व्यवहार पर ही मानवाधिकार आयोग ने आपत्ति जताते हुए पुलिस आयुक्त से जवाब मांगा है।