यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bengal News: दीदी के पास पहुंचानी हो अपनी शिकायत तो इन नंबरों पर करें फोन, दर्ज कराएं समस्या, होगा समाधान
बंगाल की जन समस्याओं को जानने और शिकायतों को दूर करने के लिए सरकार की ओर से नंबर जारी किए ...और पढ़ें

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल की ममता सरकार ने आम जनता की समस्याओं को सुनने और उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए फोन नंबर जारी किया है, जिस पर लोग अपनी जन समस्याओं की शिकायत कर सकते हैं। इसके बाद सरकार उसके निदान के लिए कदम उठाएगी।
दरअसल, यह प्रयास जनता के मन से सरकार के प्रति बढ़ रही नाराजगी को दूर करने का है। पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने लोगों की नाराजगी दूर करने व समस्या के समाधान के लिए दीदी को बोलो कार्यक्रम शुरू कराया था। परंतु, चुनाव बाद वह कार्यक्रम बंद हो चुका है।
पिछले कुछ माह से प्रशासनिक बैठकों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अधिकारियों को धमकाती रही हैं कि वे जनता का काम ठीक से नहीं कर रहे हैं। वह अधिकारियों से यह भी कहती हैं कि राज्य के किसी भी जिले से कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए।
मुख्यमंत्री अपने पास गृह और पहाड़ मामले, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, राजस्व व भूमि सुधार, सूचना और संस्कृति, कार्मिक और प्रशासनिक सुधार, योजना और सांख्यिकी और कार्यक्रम निगरानी विभाग रखे हुए हैं। इन कार्यालयों के संपर्क नंबर 0332214-5555 और 0332214-3101 हैं। इन नंबरों पर लोग काल करते हैं तो आप सीधे संबंधित विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
किसी भी समस्याओं के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। फोन नंबर के अलावा, यदि आवश्यक हो विस्तृत समस्या मेल किया जा सकता है। जिसकी मेल आइडी (सीएम हाईफन डब्ल्यूबी एट एनआइसी डाट इन) है। इस मेल से बी मुख्यमंत्री तक समस्या पहुंचाई जा सकती है।
दरअसल चुनाव के दौरान ममता बनर्जी हर किसी की समस्या का समाधान करना चाहती थी, उस समय उनके जो भी सलाहकार थे, वो उनको जैसा करने के लिए कहते थे वो वैसा कर रही थीं। मगर चुनाव खत्म होने के बाद वो चीजें बंद हो गई। अब वो आम लोगों से रुबरु होकर उनकी शिकायतें नहीं सुन पा रही हैं, इस वजह से उन्होंने अपनी कैबिनेट मंत्रियों से ये कहा कि वो ऐसा नंबर जारी करें जिस पर आम लोग फोन करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। इससे लोगों का सरकार पर विश्वास कायम होगा।
