यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bengal News: अधीर रंजन चौधरी ने CM ममता बनर्जी को लिखा लेटर, कहा- तृणमूल नेता अवैध रूप से कर रहे टोल वसूली
Bengal News उन्होंने दावा किया कि यह अवैध रूप से वाहनों से रुपये वसूले जा रहे हैं। पत्र में अधीर ...और पढ़ें

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। Bengal News: लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता व बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। शुक्रवार को भेजे उस पत्र में चौधरी ने लिखा है कि मुर्शिदाबाद में 10 किलोमीटर की दूरी पर टोल टैक्स वसूला जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि यह अवैध रूप से वाहनों से रुपये वसूले जा रहे हैं। पत्र में अधीर ने कहा कि हुनाखाली के भैरब ब्रिज और बालीघाट के नलिनी बागची ब्रिज पर अवैध रूप से टोल टैक्स वसूले जा रहे हैं। दोनों पुलों के बीच की दूरी महज दस किलोमीटर है।
मैं यह देखकर वास्तव में स्तब्ध हूं कि स्थानीय पुलिस के एक हिस्से की मदद और सहयोग से तृणमूल के तथाकथित नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा दिन के उजाले में इस अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। ऐसा लगता है कि राज्य में प्रशासनिक मशीनरी का एक हिस्सा ऐसे परिवर्तित हो गया है जिसके द्वारा नेता सभी अवैध और भ्रष्ट गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। यह पहला मौका नहीं जब अधीर ने ममता को पत्र लिखा है। इससे पहले भी वह अपने गृह जिला मुर्शिदाबाद और अपने संसदीय क्षेत्र बहरमपुर की समस्याओं को लेकर पत्र लिखते रहे हैं।
Sagar News: आरोपित विधायको का ट्रेन के अंदर का VIDEO आया सामने, पुलिस से कहा- ले चलो अपने साथ
मोबाइल टावर लगाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरफ्तार
सिक्किम देश के विभिन्न स्थानों में फोन कॉल के माध्यम से लोग ठगी का शिकार बन रहे है। फिलहाल मोबाइल टावर लगाने के नाम पर ठग लोगों को फोन कर पैसे मांगते है। जिसके लुभावने जाल में फंस कर लोग ठगों को पैसा दे रहे है। ऐसे ठगी विरुद्ध लोगों को जागरूक करने के लिए दूरसंचार विभाग ने एक एडवाइजरी जारी किया है।
भारत सरकार के संचार मंत्रालय अंतर्गत दूरसंचार विभाग ने आज मोबाइल टावर लगाने से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों पर पब्लिक एडवाइजरी जारी की है। जानकारी मिली है कि कुछ बेइमान कंपनियां एजेंसियां मोबाइल टावर लगाने के नाम पर आम लोगों को मासिक किराए के रूप में बड़ी रकम आदि का वादा कर ठगी करते है।
ऐसी घटनाएं जब सार्वजनिक होने लगी तो दूरसंचार विभाग ने इसे संज्ञान में लेते हुए एडवाइजरी जारी किया है। एडवाइजरी में उल्लेख किया गया है कि दूरसंचार विभाग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मोबाइल टावरों की स्थापना के लिए भूमि को पट्टे पर देने या किराए पर लेने में शामिल नहीं है।
डीओटी अथवा उसके अधिकारी मोबाइल टावरों की स्थापना के लिए 'एनओसी भी जारी नहीं करते है। बताया गया है कि मोबाइल टावर के लिए अधिकृत दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की अपडेट लिस्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स की जानकारी विभाग द्वारा जारी वेब साइट में उपलब्ध है। विभाग ने अगर कोई व्यक्ति, एजेंसी व कंपनी मोबाइल टावर लगाने के लिए पैसे माँगते है तो अतिरिक्त सावधानी बरतने और कंपनी की सत्यता की जांच करने की अनुरोध की है।
इसमें बताया गया है कि टीएसपी और आईपी-१ की एसोसिएशन के सदस्य मोबाइल टावर लगाने के लिए पैसा नहीं माँगते है। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति को किसी भी धोखाधड़ी वाली गतिविधि का पता चलता है तो स्थानीय पुलिस में रिपोर्ट करने की विभाग ने अपील की है। इसके साथ ही डीटीओ की स्थानिय फील्ड यूनिट्स से भी संपर्क किया जा सकता है। इससे संबंधित जानकारी डीओटी वेबसाइट से भी लिया जा सकता है।
