बंगाल में भगदड़ के खौफ के बीच पंडाल दर्शन जारी, कदम-कदम पर सतर्कता
चोरबागान भगदड़ के बावजूद कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन जारी हैं, लेकिन अब लोग अधिक सतर्कता बरत रहे ...और पढ़ें

बंगाल में दुर्गा पूजा की धूम। (फोटो- एएनआई।)
HighLights
चोरबागान भगदड़ के बाद भी पंडालों में दर्शन जारी।
सुरक्षा व्यवस्था तीन गुना बढ़ी, स्वयंसेवकों की संख्या भी।
दर्शनार्थी भीड़ से बचकर, सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं।
विशाल श्रेष्ठ, कोलकाता। कोलकाता के चोरबागान दुर्गापूजा पंडाल में भगदड़ की घटना ने लोगों को विचलित किया है, लेकिन उनके कदम थमे नहीं हैं। रविवार को सप्तमी के दूसरे दिन भी महानगर के पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी। फर्क बस इतना था कि इस बार उत्साह के साथ सतर्कता भी कदमताल करती नजर आई। लोग भीड़ का रुख भांपकर आगे बढ़ रहे थे। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर विशेष सावधानी बरत रहे थे और अधिक भीड़ वाले रास्तों पर जाने से बचने की कोशिश कर रहे थे।
चोरबागान की घटना ने पंडाल दर्शन के तरीके को बदल दिया है। कल तक जहां पंडालों की भव्यता और थीम देखने की उत्सुकता लोगों को भीड़ के बीच आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करती थी, वहीं अब धक्का-मुक्की की आशंका लोगों को सतर्क कर रही है। रविवार शाम दर्शनार्थी एक-दूसरे को संभलकर चलने की सलाह देते दिखे। भीड़ बढ़ने पर लोगों ने कुछ देर रुकना या दूसरा रास्ता चुनना बेहतर समझा।
बड़े पंडालों में सुरक्षा पर जोर
कोलकाता के प्रमुख पूजा पंडालों में रविवार को भी पूजा दर्शनार्थियों का पहुंचना जारी रहा। श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब, एकडालिया एवरग्रीन, सुरुचि संघ, सिंघी पार्क, हिंदुस्तान पार्क, संतोष मित्रा स्क्वायर, चेतला अग्रणी, मोहम्मद अली पार्क, दमदम पार्क, दमदम तरुण दल, बागबाजार, बोसपुकुर शीतला मंदिर समेत सभी लोकप्रिय पूजा समितियों के पंडालों सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है।
दमदम पार्क सार्वजनिन के संयुक्त सचिव मलय दे ने बताया-'प्रशासन की ओर से हमारे यहां पुलिस कर्मियों की संख्या तीन गुना बढ़ाई गई है। पहले 40 पुलिस कर्मी तैनात थे। हमने अपने वालंटियरों की संख्या में भी इजाफा किया है। हम 20 क्लोज सर्किट टीवी कैमरों से भी नजर रख रहे हैं। पूजा समिति के समस्त पदाधिकारी व सदस्य भी बेहद सतर्क हैं और एक-एक गतिविधि पर करीब से नजर रख रहे हैं। लाउडस्पीकर पर दर्शनार्थियों से भी अनुशासित रहने का अनुरोध किया जा रहा है।'
पुलिस की ओर से भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पंडालों के प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी, भीड़ के दबाव पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर आवाजाही नियंत्रित करने पर जोर दिया जा रहा है।
