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टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने लगाया हमले का आरोप, कहा- 6 महीने में सातवीं बार हुई जान लेने की कोशिश

Published: Sat, 07 Nov 2026 09:11 AM (IST)Updated: Sat, 07 Nov 2026 10:11 AM (IST)

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि उनके जन्मदिन के जश्न के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कोलकाता स्थित उनके घर पर हमला किया।

अभिषेक बनर्जी ने लगाया घर पर हमले का आरोप।

अभिषेक बनर्जी ने लगाया घर पर हमले का आरोप।

HighLights

  1. अभिषेक बनर्जी ने अपने घर पर हमले का आरोप लगाया।

  2. टीएमसी सांसद ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया।

  3. बीजेपी ने घटना को राजनीतिक ड्रामा करार दिया।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि कल रात उनके जन्मदिन के जश्न के दौरान उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद कोलकाता में उनके घर पर हमला किया गया।

रात करीब 2 बजे बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के सामने दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान किसी को चोर कहा गया। डायमंड हार्बर के सांसद ने आरोप लगाया कि बीजेपी के गुंडों ने उनके समर्थकों को जमीन पर गिरा दिया और ईंट-पत्थरों से उनकी पिटाई की।

अभिषेक बनर्जी ने क्या बताया?

अभिषेक बनर्जी की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में कुछ लोगों को उनके बैनर और पोस्टर फाड़ते हुए भी देखा गया। एक्स पर टीएमसी सांसद ने लिखा, "लगातार दो दिनों की रेकी के बाद आज रात 2 बजे बीजेपी के गुंडों ने मेरे घर पर हमला कर दिया। फुटेज देखिए और खुद ही समझ जाइए। अगर एक चुने हुए सांसद के साथ ऐसा हो सकता है तो सोचिए पश्चिम बंगाल में आम आदमी का क्या हाल होगा।"

उन्होंने आगे लिखा, "पिछले छह महीनों में मुझ पर जानलेवा हमले की यह सातवीं कोशिश है। फिर भी न तो पुलिस ने कोई कार्रवाई की और न ही न्यायपालिका ने कोई दखल दिया। पूरे राज्य में गुंडे बेखौफ होकर उपद्रव मचा रहे हैं, क्योंकि न्यायपालिका लगातार आंखें मूंदे बैठी है। धन्यवाद माननीय न्यायाधीशों मूक दर्शक बने रहने के लिए!"

बीजेपी कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप

इसके बाद तृणमूल सांसद अपने घर से बाहर निकले और पुलिस तथा भाजपा समर्थकों के साथ उनकी तीखी बहस हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ मारपीट की।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थक अपने साथ रिवॉल्वर लाए थे और उनका जान से मारने का पूर्व-नियोजित इरादा था। बनर्जी ने मीडिया को बताया, "हमारे एक साथी तपस के अंगूठे के पास के टिश्यू कुचल गए। मैंने उसे टांके लगवाने के लिए अस्पताल भेजा, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि सिर्फ टांकों से काम नहीं चलेगा उसे प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ेगी। एक अन्य व्यक्ति की आंख के नीचे की हड्डी टूट गई। उन्होंने पत्थर और ईंटें फेंकीं। यह सब कुछ पुलिस के ठीक सामने हुआ।"

सांसद ने कहा कि उन पर हमला होने की यह पहली घटना नहीं है। उन्होंने कहा, "19 जून को सोनारपुर में हुई एक घटना के बाद जब मैं दिल्ली से लौट रहा था तो हथियारों से लैस कुछ लोगों ने मेरी जान लेने की कोशिश की। हमारे कार्यकर्ताओं ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। हमने शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।"

बीजेपी ने घटना को बताया ड्रामा

हालांकि, बीजेपी ने इस घटना को एक ड्रामा करार दिया। बंगाल बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा, "हम पहली बार देख रहे हैं कि किसी नेता का जन्मदिन फुटपाथ पर मनाया जा रहा है! अगर कोई रात में हंगामा करेगा तो विरोध तो होगा ही। अभिषेक बनर्जी को मारने की फुर्सत किसे है? अब कुछ बचा नहीं है, इसलिए भावुक बातें करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।"

यह घटना उस आरोप के एक दिन बाद हुई है, जिसमें बनर्जी ने कहा था कि कुछ अज्ञात लोग पिछले दो दिनों से उनके कार्यालय और आवास की रेकी कर रहे थे। बनर्जी के अनुसार, जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने इस संदिग्ध निगरानी की तुरंत जांच कराने की मांग की है।

राज्य पुलिस की कथित संलिप्तता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "राज्य पुलिस एक निर्वाचित सांसद के कार्यालय और आवास पर कथित तौर पर जासूसी और निगरानी क्यों कर रही है? इस निगरानी की अनुमति किसने दी और किस मकसद से दी?" बनर्जी ने कहा कि वह इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कोलकाता पुलिस, गृह मंत्रालय और पश्चिम बंगाल पुलिस के ध्यान में ला रहे हैं।

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