ग्राम पंचायत को समय न देने वाले प्रधानों पर गिरेगी गाज, नियुक्त होंगे प्रशासक; मंत्री दिलीप घोष ने की समीक्षा
मंत्री दिलीप घोष ने कूचबिहार और अलीपुरद्वार में ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा की, जिसमें भ्रष्टाचार और अनुपस्थित पंचायत प्रधानों पर कार्रवाई की बात कही।

अलीपुरद्वार के एक कार्यक्रम में मंच पर मंत्री दिलीप घाेष समेत अन्य

समय कम है?
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संवाद सूत्र, कूचबिहार। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक कूचबिहार के रवींद्र भवन में आयोजित हुई। बैठक से पहले मंत्री दिलीप घोष सुबह सागरदिघी के किनारे चाय की चर्चा में शामिल हुए। इसके बाद वह उत्तर विधानसभा क्षेत्र में सड़क के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इनमें शौचालय, स्वच्छ भारत अभियान, स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण विकास से जुड़े अन्य कार्य शामिल हैं। बैठक में जिलाधिकारी, पंचायत सचिव समेत कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि राज्य में आवास योजना और विभिन्न परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के कारण आम लोग लाभ से वंचित हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इन मामलों की जांच करेगी। भ्रष्टाचार साबित होने पर दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विभिन्न कार्यों की गति और प्रगति को लेकर विशेष समीक्षा बैठक की गई है।
कूचबिहार जिले में पंचायत स्तर पर सामने आ रही राजनीतिक समस्याओं का भी बैठक में मुद्दा उठा। मंत्री के अनुसार, कई पंचायतों में अविश्वास प्रस्ताव आए हैं और कुछ जगहों पर लोगों ने पद से इस्तीफा दिया है।
उन्होंने कहा कि जिस ग्राम पंचायत में 15 दिनों तक प्रधान उपस्थित नहीं होंगे, वहां प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। विधायकों को राजनीतिक समस्याओं के समाधान के लिए कहा गया है। अधिकारियों को काम में बाधा नहीं आने देने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि भ्रष्टाचार की कुछ शिकायतें मिली हैं और करीब 10 प्रतिशत पंचायतों में विशेष ऑडिट कराया जा रहा है। उनके अनुसार, आवास योजना में करीब 12 से 12.5 हजार ऐसे लोगों को राशि मिली है, जो पात्र नहीं थे। उन्हें राशि लौटाने के लिए नोटिस दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि दो नोटिस के बाद भी राशि वापस नहीं करने वालों के खिलाफ तीसरी बार एफआइआर दर्ज की जाएगी और गिरफ्तारी की जाएगी।
दिलीप घोष ने कहा कि कुछ परियोजनाओं की राशि पड़ी हुई है। इसका एक कारण पंचायतों से जुड़ी समस्याएं हैं, जबकि दूसरा कारण कुछ नियमों में बदलाव है। अधिकारियों को नियम समझाए गए हैं और अब विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में कूचबिहार के काम की सराहना की। मंत्री के अनुसार, केंद्र सरकार ने भी जिले के इस काम की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि कूचबिहार के इस मॉडल को राज्य के दूसरे जिलों में लागू करने से फायदा हो सकता है।
उपचुनाव को लेकर तृणमूल और कांग्रेस पर हमला:
उपचुनाव को लेकर दिलीप घोष ने विपक्षी तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। सागरदिघी के किनारे पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए आना चाहिए, तभी उन्हें यहां की राजनीति का अंदाजा होगा।
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनके उम्मीदवार उन्हें छोड़कर जा रहे हैं। ममता बनर्जी के चुनाव चिह्न से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने के सवाल पर दिलीप घोष ने कहा कि वह हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जा सकती हैं, उन्हें कोई रोक नहीं रहा है।
उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि विपक्ष कहां है, यह समझ में नहीं आ रहा। उनके अनुसार, विपक्षी उम्मीदवार नहीं हैं और केवल शिकायत करने से कुछ नहीं होगा, मैदान में उतरकर चुनाव लड़ना होगा।
दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी लंबे समय से असामाजिक तत्वों के सहारे राजनीति करती रही है। उन्होंने दावा किया कि लोगों को मौका मिलते ही उन्होंने तृणमूल को हरा दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल अब भी असामाजिक तत्वों के साथ चलने की कोशिश कर रही है, इसलिए कानून अपना काम कर रहा है।
