SAIL की वित्तीय स्थिति में सुधार: भिलाई स्टील प्लांट ने कमाया सर्वाधिक मुनाफा, घाटे में सिर्फ Salem Steel Plant
SAIL ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में उल्लेखनीय वित्तीय सुधार दर्ज किया है, जिसमें भिलाई स्टील प्लांट 1802 करोड़ रुपये के मुनाफे के साथ सबसे आगे रहा।

SAIL का सलेम स्टील प्लांट। (फाइल फोटो)
मनोज कुमार भगत, बर्नपुर। स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की वित्तीय स्थिति में चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। कंपनी की प्रमुख उत्पादन इकाइयों में भिलाई, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर और इस्को स्टील प्लांट (बर्नपुर) ने मुनाफा कमाया है।
वहीं, सलेम स्टील प्लांट एकमात्र ऐसी उत्पादन इकाई रही, जिसे घाटे का सामना करना पड़ा। कंपनी के दूसरी तिमाही और पहली छमाही के वित्तीय आंकड़े उत्पादन, बिक्री और लाभ के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन की तस्वीर पेश करते हैं।
सेल के वित्तीय परिणामों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी का कर पूर्व लाभ (पीबीटी) बढ़कर 4515 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 1443 करोड़ रुपये था।
इसी तरह, कर पश्चात लाभ (पीएटी) 1112 करोड़ रुपये से बढ़कर 3410 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस प्रकार कंपनी के कर पश्चात लाभ में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान सेल ने 2356 करोड़ रुपये का कर पूर्व लाभ और 1774 करोड़ रुपये का कर पश्चात लाभ अर्जित किया।
पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का कर पूर्व लाभ 553 करोड़ रुपये और कर पश्चात लाभ 427 करोड़ रुपये था। इस तरह दूसरी तिमाही में कंपनी के कर पश्चात लाभ में लगभग 315 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
Bhilai सबसे आगे, Burnpur ने कमाया 636 करोड़ का लाभ
सेल की उत्पादन इकाइयों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पहली छमाही में भिलाई स्टील प्लांट लगभग 1802 करोड़ रुपये के लाभ के साथ सबसे आगे रहा। बोकारो स्टील प्लांट ने करीब 1700 करोड़ रुपये और राउरकेला स्टील प्लांट ने लगभग 1587 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया।
इस्को स्टील प्लांट, बर्नपुर ने करीब 636 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जबकि दुर्गापुर स्टील प्लांट का लाभ लगभग 297 करोड़ रुपये रहा। इसके विपरीत सलेम स्टील प्लांट को नुकसान उठाना पड़ा।
उत्पादन और बिक्री में भी सुधार
वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में सेल का कच्चे इस्पात का उत्पादन 9.61 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 9.50 मिलियन टन था।
हालांकि, इस दौरान बिक्री की मात्रा 9.46 मिलियन टन से घटकर 9.33 मिलियन टन रही। इसके बावजूद परिचालन से होने वाला राजस्व 52,625 करोड़ रुपये से बढ़कर 58,243 करोड़ रुपये पहुंच गया।
दूसरी तिमाही में कच्चे इस्पात का उत्पादन 4.85 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 4.65 मिलियन टन था।
बिक्री की मात्रा भी 4.91 मिलियन टन से बढ़कर 5.16 मिलियन टन हो गई। दूसरी तिमाही में परिचालन राजस्व 31,998 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 26,704 करोड़ रुपये था।
कर्ज घटाने और लागत नियंत्रण पर जोर
कंपनी के वित्तीय परिणामों में बेहतर बिक्री, लागत नियंत्रण और लाभप्रदता में वृद्धि को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सेल का कर्ज घटकर 20,583 करोड़ रुपये रह गया है। कंपनी का जोर उत्पादन बढ़ाने, बिक्री नेटवर्क को मजबूत करने और परिचालन लागत को नियंत्रित करने पर है।
कुल मिलाकर, सेल की वित्तीय स्थिति में सुधार के बीच उसकी अधिकांश प्रमुख उत्पादन इकाइयों का मुनाफे में रहना कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत है।
हालांकि, सलेम स्टील प्लांट का घाटा प्रबंधन के सामने एक चुनौती बना हुआ है। आने वाले समय में उत्पादन क्षमता के बेहतर इस्तेमाल, लागत नियंत्रण और बिक्री में वृद्धि से कंपनी के प्रदर्शन को और मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है।
