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पासबुक हुई गुम, पोस्ट ऑफिस पहुंचीं तो कॉपी देने से किया इनकार, 10 लाख की एफडी गायब

Published: Sun, 18 Oct 2026 11:42 AM (IST)Updated: Sun, 18 Oct 2026 12:10 PM (IST)

उत्तरकाशी के डाकघर में एक सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी की 10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) राशि कथित तौर पर गबन कर ली गई।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। जीवनभर की कमाई से भविष्य के लिए जोड़ी गई रकम सुरक्षित समझकर डाकघर में जमा कराई, लेकिन जब सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी पासबुक की दूसरी कापी लेने आई तो तो खाते में धनराशि नहीं होने की बात सामने आई। यह सुनते ही उनके होश उड़ गए।

मामला उत्तरकाशी के कलक्ट्रेट परिसर स्थित डाकघर शाखा का है, जहां स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त महिला की 10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपाजिट (एफडी) की धनराशि कथित तौर पर गबन किए जाने की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

बेसिक हेल्थ वर्कर पद से सेवानिवृत्त

पीड़िता सुमित्रा देवी ने दैनिक जागरण को बताया कि वह वर्ष 2019 में स्वास्थ्य विभाग से बेसिक हेल्थ वर्कर पद से सेवानिवृत्त हुई, बीते वर्ष पांच दिसंबर को उन्होंने डाकघर की कलक्ट्रेट शाखा में एक वर्ष की अवधि के लिए 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी।

एफडी की अवधि पूरी होने में करीब डेढ़ माह का समय शेष था। लेकिन गत सितंबर माह में पासबुक गुम होने पर उसकी दूसरी प्रति लेने डाककर पहुंची तो उन्हें धनराशि के गायब होने की जानकारी देते हुए पासबुक की प्रति देने से इनकार कर दिया गया।

भविष्य की जरूरतों के लिए सुरक्षित रखी गई रकम नहीं मिलने से सकते में आई महिला ने कोतवाली उत्तरकाशी पहुंचकर पुलिस से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की।

शहर कोतवाल दिनेश कुमार ने बताया कि करीब 15 दिन पूर्व मिली शिकायत की जांच में प्रथम दृष्टया गबन का मामला सामने आने पर शनिवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गबन संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक संगीता नौटियाल को सौंपी गई है। इधर, मामले में सहायक अधीक्षक डाक प्रदीप पंत से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं किया।

तो मई में खाते से गबन कर ली गई थी रकम

विवेचक संगीता नौटियाल ने बताया कि पीड़िता ने बीते वर्ष पांच दिसंबर को एफडी कराई थी, तफ्तीश में धनराशि के इस वर्ष मई माह में गबन किए जाने का पता चला है। बताया कि पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। प्रकरण में डाक विभाग की ओर से जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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