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केदारताल ट्रेक पर सर्च अभियान में मिले दो और शव, अब तक चार ट्रेकरों की मौत की पुष्टि

Published: Wed, 04 Nov 2026 12:19 PM (IST)Updated: Wed, 04 Nov 2026 12:29 PM (IST)

उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर लापता ट्रेकरों की तलाश में बुधवार को दो और शव मिले, जिससे अब तक कुल ...और पढ़ें

HighLights

  1. बुधवार को केदारताल ट्रेक पर दो और शव मिले

  2. अब तक कुल चार लापता ट्रेकरों के शव बरामद

  3. शेष चार लापता लोगों की तलाश अभियान जारी

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। केदारताल ट्रैक पर लापता आठ ट्रेकरों और स्थानीय गाइड की तलाश में चलाए जा रहे सर्च अभियान के दौरान बुधवार सुबह दो और शव बरामद किए गए।

इसके साथ ही अब तक चार लापता लोगों के शव मिल चुके हैं, जबकि शेष चार की तलाश जारी है। बरामद किए गए सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल उत्तरकाशी लाया जा रहा है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें शेष लापता लोगों की खोजबीन में जुटी हैं।

लापता लोगों की खोजबीन में जुटी टीमें 

केदारताल ट्रेक पर लापता स्थानीय गाइड सहित आठ ट्रेकर में से मंगलवार को दो ट्रेकर के शव बरामद किए गए। प्रशासन की हेलीकाप्टर से उतारी गई दस सदस्यीय टीम को ये शव बर्फ में दबे टेंट की जगह से करीब 200 से 250 मीटर नीचे मिले। इस दौरान बर्फ में दबे शवों को बाहर निकालने के लिए टीम को मशक्कत करनी पड़ी, शवों की पहचान नहीं हो सकी है।

सोमवार को प्रशासन ने लापता स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा और उत्तरप्रदेश व पश्चिम बंगाल के सात ट्रेकर की तलाश के लिए एसडीआरएफ और निम की दस सदस्यीय टीम को हेलीकाप्टर से केदारताल ट्रेक पर उतारा था। इससे पहले रविवार को गंगोत्री नेशनल पार्क और गढ़वाल हिमालय माउंटेनियरिंग एंड ट्रेकिंग एसोसिएशन की नौ सदस्यीय टीम पैदल भोजखड़क पहुंची थी।

सोमवार को दाेनों टीमों ने सर्च अभियान शुरू किया। एसोसिएशन की टीम को केदारताल ट्रेक पर केदारखड़क व भोजखड़क के मध्य बर्फ में दबा टेंट, बैग, कपड़े, चप्पलें और राशन आदि मिले थे। टीम ने दो से तीन किमी दायरे में सघन खोजबीन की, लेकिन लापता लोग नहीं मिले।

बर्फबारी और खराब मौसम के कारण यह टीम सर्च अभियान स्थगित कर लौट आई। मंगलवार को प्रशासन की टीम ने दोबारा सर्च अभियान शुरू किया, जिसे टेंट वाली लोकेशन से नीचे दो शव मिले, लेकिन मौसम बिगड़ने पर उसे बेस कैंप लौटना पड़ा।

27 अक्टूबर को गया था दल

सोल सीकर ट्रेकिंग एजेंसी का 12 सदस्यीय दल 27 अक्टूबर को गंगोत्री से 26 किमी लंबे केदारताल ट्रेक पर रवाना हुआ था। इसमें एक गाइड, सात ट्रेकर और चार सपोर्ट स्टाफ सदस्य थे।

वापसी 29 अक्टूबर को तय थी। दल नहीं लौटा तो एजेंसी ने बचाव टीम भेजी। रास्ते में कुक और पोर्टर सहित चार लोग सुरक्षित मिले, जबकि सिद्धार्थ राणा और सात ट्रेकर का पता नहीं चला। प्रशासन ने शनिवार और रविवार को हेलीकाप्टर से खोज की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

केदारताल रेस्क्यू अभियान की कंट्रोल रूम से निगरानी कर रहे डीएम

उत्तरकाशी: केदारताल क्षेत्र में लापता ट्रेकरों और सपोर्टिंग स्टाफ की तलाश के लिए संचालित सर्च एवं रेस्क्यू अभियान पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य लगातार नजर बनाए हुए हैं।

बुधवार को जिलाधिकारी स्मार्ट कंट्रोल रूम पहुंचे और वहां से रेस्क्यू अभियान की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने रेस्क्यू टीमों से समन्वय बनाए रखने और अभियान की प्रत्येक गतिविधि पर निगरानी रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अभियान में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, ग्लेशियर, बर्फबारी और विषम मौसम के कारण रेस्क्यू अभियान में चुनौतियां सामने आ रही हैं। इसके बावजूद विभिन्न टीमें लगातार खोज एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

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