आइए! गंगोत्री नेशनल पार्क की सैर कीजिए, ग्रीष्मकाल के लिए खुले गेट
देश के तीसरे सबसे बड़े गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट बुधवार को पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। शीतकाल ...और पढ़ें

गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट बुधवार को खुल गए। जागरण

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जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। देश के तीसरे सबसे बड़े गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट बुधवार को देश-विदेश के पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। पार्क के उप निदेशक हरीश नेगी की मौजूदगी में पार्क के जवानों ने कनखू बैरियर सहित केदारताल, भैरोंघाटी व गरतांग गली ट्रैक को जाने वाले गेट पर लगे तालों को खाेला गया।
पार्क के उपनिदेशक हरीश नेगी ने कहा कि प्रति वर्ष गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शीतकाल में 30 नवंबर को बंद कर दिए जाते हैं, जो कि ग्रीष्म काल के लिए एक अप्रैल को खोले जाते हैं। इसी क्रम में ग्रीष्मकाल के लिए पार्क के गेट पर्यटकों के लिए खोले गए है। उन्होंने इस बार पार्क क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद जताई।
इस मौके पर गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप बिष्ट, वन दरोगा राजबीर रावत आदि मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि गंगोत्री नेशनल पार्क को हिम तेंदुओं के प्राकृतिक वासस्थल के रूप में जाना जाता है। हिम तेंदुओं के अलावा यहां भूरा भालू, भरल, लाल लोमड़ी सहित पक्षियों की कई प्रजातियां पाई जाती है।
धार्मिक महत्व की गंगा नदी का उद्गम स्थल गाेमुख भी इसी पार्क में स्थित है। वहीं, गंगोत्री हिमालय की 40 से अधिक ऊंची चोटियां भी इसी पार्क क्षेत्र में स्थित है। इसके अलावा गंगोत्री व बदरीनाथ को जोड़ने वाला दुनिया के सबसे ऊंचे ट्रैक रूट में से एक कालिंदीखाल-बदरीनाथ ट्रैक रूट भी इसी पार्क क्षेत्र में है।
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