उत्तराखंड में अक्टूबर में ही कड़ाके की ठंड, पश्चिमी विक्षोभ से खरीफ फसलों पर संकट
उत्तराखंड में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के कारण अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही ठंड बढ़ गई है, जिससे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात और मैदानी इलाकों में वर्षा-ओलावृष्टि हुई है।

गदरपुर के ग्राम रामचंद्रपुर में ओलावृष्टि से हुई खराब फसल को देखकर रोते हुए किसान।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, काशीपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बावजूद प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा हो रही है। उच्च व मध्य हिमालयी क्षेत्रों में अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही दो दौर का हिमपात हो चुका है। शुक्रवार को आदि कैलास मार्ग पर कूटी व कालापानी के बीच फिर हिमपात हुआ है।
ऊधम सिंह नगर के बाजपुर व पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और कुमाऊं के कई भागों में वर्षा हुई है। इससे अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही ठंड का आगमन होने के साथ खेती पर भी संकट मंडरा गया है।
धान की कटाई शुरू
तराई में धान की कटाई शुरू हो चुकी है, जबकि अधिकांश फसल पककर कटने के लिए तैयार है। कई खरीद केंद्रों पर धान बिक्री के लिए पहुंचने लगा है। दानों में नमी अधिक होने से खरीद नहीं हो पा रही है। ऐसे समय में वर्षा व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने से किसान चिंतित हैं।
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दूसरी ओर पर्वतीय क्षेत्र में घास काटने का काम बाधित हुआ है। यद्यपि शनिवार से वर्षा में कमी आने की संभावना है। खासकर मैदानी क्षेत्रों में 11 अक्टूबर से मौसम शुष्क होने लगेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में शनिवार व रविवार को कहीं-कहीं बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
तराई में सामान्य से पांच डिग्री नीचे पारा
मौसम में बदलाव का असर तापमान पर दिखा है। शुक्रवार को पंतनगर का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम होकर 27 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। रात्रि का तापमान 21.1 डिग्री रहा। मुक्तेश्वर में गुरुवार का न्यूनतम पारा 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा था।
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आमतौर पर पश्चिमी हिमालय की पहाड़ियों पर अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में पहला हिमपात होता है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही दो दौर का हिमपात हो चुका है। अल्मोड़ा, चंपावत को छोड़कर पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर जिलों में अक्टूबर में सामान्य से 58 से लेकर 192 प्रतिशत तक अधिक वर्षा हुई है।
मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वर्षा व हिमपात देखने को मिला है। शनिवार को भी थोड़ा-बहुत असर रहेगा। अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहने का अनुमान है।
-डा. सीएस तोमर, निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून
