जिस घर में गूंजनी थीं खुशियां, वहां पहुंची मौत की खबर, भांजे के नामकरण में पूरनपुर जा रहे थे तारक समेत पांच लोग
ऊधम सिंह नगर से पूरनपुर जा रहे तीन परिवारों के लिए खुशियों का सफर मातम में बदल गया। पीलीभीत-बस्ती राष्ट्रीय ...और पढ़ें

HighLights
ऊधम सिंह नगर के तीन परिवारों का खुशियों का सफर मातम में बदला।
पीलीभीत-बस्ती राजमार्ग पर कार-डंपर भिड़ंत में तीन लोगों की मौत।
तारक मंडल, शेफाली राय और साधना की मृत्यु, दो बच्चे घायल।
जागरण संवाददाता, ऊधम सिंह नगर। जिले के शक्तिफॉर्म निवासी तीन परिवारों के लिए सोमवार की सुबह खुशियों का सफर जिंदगी भर का दर्द बन गया। नगर के शिव मंदिर वार्ड नंबर तीन निवासी तारक मंडल की बहन के घर पांच दिन पहले बेटे का जन्म हुआ था।
इसी खुशी में शामिल होने के लिए तारक अपने पड़ोसी शेफाली राय और देवनगर निवासी रिश्तेदार साधना व उनके दोनों बच्चों शांतनु और खुशबू के साथ कार से पूरनपुर क्षेत्र जा रहे थे। किसी को क्या पता था कि जिस घर में नवजात के आने की खुशियां गूंजनी थीं, वहां पहुंचने से पहले ही तीन परिवारों में मातम छा जाएगा।
पीलीभीत-बस्ती राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र में कार की सामने से आ रहे डंपर से जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हादसे में तारक मंडल, शेफाली राय और साधना की मृत्यु हो गई। साधना के 16 वर्षीय पुत्र शांतनु और 14 वर्षीय पुत्री खुशबू घायल हो गए। दोनों का उपचार चल रहा है। खुशबू की हालत गंभीर बताई जा रही है।
माता-पिता के इकलौते बेटे थे तारक
हादसे में जान गंवाने वाले 35 वर्षीय तारक मंडल अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। करीब डेढ़ वर्ष पहले उनके माता-पिता की भी मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां तारक के कंधों पर थीं। वह गौ रक्षा दल से भी जुड़े हुए थे। बहन के घर आई खुशी में शामिल होने निकले तारक की मौत की खबर ने परिवार और परिचितों को झकझोर दिया।
नौ वर्ष पहले पति को खो चुकी थीं शेफाली
65 वर्षीय शेफाली राय के पति दुलाल राय की करीब नौ वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी थी। पति के निधन के बाद शेफाली परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रही थीं। परिवार में अब उनका एक पुत्र तपन है। हादसे में मां को खोने की खबर से पुत्र पूरनपुर पहुंच गया। तपन की पत्नी व अन्य स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
बच्चों के सामने छिन गया मां का साया
हादसे ने साधना के परिवार को भी गहरा आघात दिया। 35 वर्षीय साधना दोनों बच्चों शांतनु व खुशबू के साथ तारक की बहन के घर आई खुशी में शामिल होने जा रही थीं। लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने बच्चों से मां का साया छीन लिया।
साधना की मृत्यु हो गई, जबकि दोनों बच्चे घायल हो गए। दोनों का उपचार चल रहा है। खुशबू की हालत गंभीर होने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है। दुर्घटना की खबर सुनते ही साधना का पति सनातन शाम को पूरनपुर पहुंच गया।
पांच दिन पहले आई थी खुशी, सोमवार को छा गया मातम
तारक की बहन के घर पांच दिन पहले बेटे के जन्म से खुशियों का माहौल था। इसी खुशी में शामिल होने के लिए सोमवार को तारक समेत पांच लोग पूरनपुर के लिए निकले थे।
परिवार को इंतजार था कि अपने लोग आएंगे और नवजात के साथ खुशियां बांटेंगे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सबकुछ बदल दिया। जिस घर में बच्चे के जन्म की खुशी मनाई जानी थी, वहां अपनों की मौत की खबर पहुंच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही शक्तिफार्म के शिव मंदिर वार्ड नंबर तीन और देवनगर में मातम पसर गया। स्वजन और परिचित मौके की ओर रवाना हो गए।
एक ही हादसे में तीन लोगों की मृत्यु और दो बच्चों के घायल होने की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। खुशी बांटने निकले पांच लोगों के परिवारों में अब इंतजार की जगह आंसू और खुशियों की जगह अपनों को खोने का दर्द है।
