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टक्कर मारने के बाद बोनट पर लटका रहा सख्श, दो किमी तक दौड़ती रही कार, पुलिस की चुप्पी पर सवाल

By Avinash ShrivastavaEdited By: Nirmala Bohra
Published: Sun, 27 Sep 2026 05:33 PM (IST)

सितारगंज-किच्छा मार्ग पर एक कार ने टक्कर मारी, जिसके बाद पीड़ित व्यक्ति बोनट पर लटककर दो किलोमीटर तक घसीटा गया।

HighLights

  1. टक्कर के बाद व्यक्ति दो किमी तक कार बोनट पर लटका रहा

  2. डायल 112 ने चालक को पकड़ा, बाद में दोनों में राजीनामा हुआ

  3. पुलिस अधिकारियों की घटना पर चुप्पी से पारदर्शिता पर सवाल

जागरण संवाददाता, सितारगंज । सितारगंज-किच्छा मार्ग पर एक्सिस बैंक के पास शानिवार को टक्कर के बाद पीड़ित के कार के बोनट पर लटकने और कार के करीब दो किलोमीटर तक दौड़ते रहने की घटना ने लोगों को हिला दिया।

राहगीरों की सूचना पर डायल 112 पुलिस ने कार रुकवाकर चालक को पकड़ लिया। बाद में दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया और मामला शांत हो गया। लेकिन घटना के बाद पुलिस की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।

घटना के संबंध में जब सितारगंज कोतवाली में मौजूद पुलिस अधिकारियों से पीड़ित और टक्कर मारने वाले कार चालक की जानकारी मांगी गई तो स्पष्ट जवाब देने के बजाय अधिकारी एक-दूसरे के पाले में मामला डालते रहे।

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एक अधिकारी से पूछने पर मामला दूसरे अधिकारी के संज्ञान में होने की बात कही गई, जबकि संबंधित अधिकारी से जानकारी मांगने पर उन्होंने भी मामला किसी अन्य अधिकारी के पास होने का हवाला दिया। इस तरह घटना की जानकारी देने के बजाय जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने का सिलसिला चलता रहा।

टक्कर के बाद रोकने के बजाय दौड़ाई कार

जानकारी के अनुसार इस्लाम नगर निवासी तौसीव शनिवार को सितारगंज-किच्छा मार्ग पर एक्सिस बैंक के पास अपना वाहन मोड़ रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही कार ने उनके वाहन में टक्कर मार दी। वाहन क्षतिग्रस्त होने के बाद तौसीव ने कार चालक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार चालक वाहन रोकने के बजाय आगे बढ़ने लगा।

कार को भागता देख तौसीव जान जोखिम में डालकर कार के बोनट पर चढ़ गए। इसके बावजूद चालक ने कार नहीं रोकी और करीब दो किलोमीटर तक वाहन दौड़ाता रहा। इस दौरान सड़क से गुजर रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

112 ने पकड़ा चालक, फिर हुआ राजीनामा राहगीरों की सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और कार को रुकवाकर चालक को पकड़ लिया। कार चालक पंडरी खेड़ा, सितारगंज का निवासी बताया गया है। बाद में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया और मामला शांत हो गया।

सवाल यह कि जानकारी देने से क्यों बचती रही पुलिस?

राजीनामा होने के बाद मामला समाप्त हो जाना अलग बात है, लेकिन घटना की जानकारी मांगने पर पुलिस अधिकारियों की टालमटोल ने सवाल खड़े कर दिए हैं। जब घटना पुलिस के संज्ञान में थी, डायल 112 मौके पर पहुंची थी और दोनों पक्षों में राजीनामा भी हो चुका था तो पीड़ित और कार चालक की सामान्य जानकारी देने में पुलिस को क्या आपत्ति थी?

कोतवाली में मौजूद अधिकारी यदि घटना की जानकारी के लिए एक-दूसरे की ओर इशारा करते रहें तो पुलिस की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

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मुकदमा नहीं, लेकिन सवाल बरकरार

नों पक्षों के बीच राजीनामा होने के कारण मामले में आगे की कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन सड़क पर एक व्यक्ति के बोनट पर लटके होने और कार के करीब दो किलोमीटर तक दौड़ने जैसी घटना के बाद पुलिस की ओर से जानकारी देने में बरती गई चुप्पी कई सवाल छोड़ गई है। खासकर तब, जब घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर कार चालक को पकड़ चुकी थी।