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उत्तराखंड में जारी मोबाइल सिम से देशभर में साइबर ठगी, संचार साथी पोर्टल से करें अपने SIM Card की जांच

Published: Fri, 06 Nov 2026 10:33 AM (IST)Updated: Fri, 06 Nov 2026 10:40 AM (IST)

भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल से अब आप अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल सिम की जांच कर सकते हैं।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

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जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। मोबाइल सिम के दुरुपयोग और बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने संचार साथी पोर्टल शुरू किया है।

इस पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल सिम की जानकारी प्राप्त कर सकता है। यदि किसी अनजान या फर्जी नंबर का पता चलता है तो उसकी आनलाइन शिकायत कर उसे बंद कराने की प्रक्रिया भी शुरू कराई जा सकती है।

साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि 

मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। साइबर अपराधी लोगों के पहचान संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम पर सिम जारी करा लेते हैं और उनका इस्तेमाल ठगी जैसी वारदातों में करते हैं।

राज्य के सभी जिलों के साथ ही ऊधम सिंह नगर में भी समन्वय पोर्टल के माध्यम से 35 से अधिक ऐसे सिम विक्रेताओं की जानकारी मिली थी, जिनसे जारी मोबाइल सिम देशभर में साइबर ठगी के मामलों में प्रयुक्त हुए।

ऐसे मामलों के बाद संचार साथी पोर्टल आम नागरिकों के लिए सुरक्षा माध्यम बना है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पोर्टल पर 'अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी' विकल्प का चयन कर उपभोक्ता अपने सक्रिय मोबाइल नंबर के माध्यम से एक बार उपयोग होने वाला पासवर्ड प्राप्त कर सत्यापन करते हैं। इसके बाद उनके नाम पर जारी सभी मोबाइल नंबरों की सूची सामने आ जाती है।

यदि सूची में कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है, जिसका उपयोग संबंधित व्यक्ति नहीं कर रहा है, तो वह 'यह मेरा नंबर नहीं है' अथवा 'शिकायत दर्ज करें' विकल्प का चयन कर सूचना दे सकता है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित दूरसंचार सेवा प्रदाता जांच कर अनधिकृत सिम को बंद करने की कार्रवाई करता है।

संचार साथी पोर्टल पर खोया या चोरी हुआ मोबाइल बंद कराने, मोबाइल हैंडसेट की वास्तविकता की जांच करने, भारतीय नंबर दिखाकर आने वाली अंतरराष्ट्रीय फर्जी काल की शिकायत दर्ज कराने तथा चक्षु सुविधा के माध्यम से फर्जी काल, लघु संदेश सेवा, वाहटसएप और टेलीग्राम पर आने वाले संदिग्ध संदेशों की सूचना देने की सुविधा भी उपलब्ध है।

एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने नागरिकों से समय-समय पर अपने नाम पर जारी सिम की जांच करने, किसी के साथ एक बार उपयोग होने वाला पासवर्ड साझा न करने के साथ ही फर्जी ग्राहक सत्यापन काल से सतर्क रहते हुए साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।

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