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श्राद्ध पक्ष में यह कैसा पितरों को सम्मान? दिल्ली ले जाने का बनाया बहाना, बुजुर्ग महिला को बस में छोड़ गए अपने

Published: Sun, 27 Sep 2026 09:32 AM (IST)Updated: Sun, 27 Sep 2026 09:58 AM (IST)

रुद्रपुर में श्राद्ध पक्ष के दौरान इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, 89 वर्षीय बुजुर्ग महिला जगतारिणी ...और पढ़ें

जगतारिणी देवी.

जगतारिणी देवी.

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अनूज शर्मा, रुद्रपुर । श्राद्ध पक्ष में लोग अपने पितरों को तर्पण और पिंडदान कर श्रद्धा से याद कर रहे हैं, वहीं इसी बीच रुद्रपुर में इंसानियत को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है।

जिस उम्र में बुजुर्ग को अपनों के सहारे की सबसे अधिक जरूरत होती है, उसी उम्र में जगतारिणी देवी को उनके नाती दिल्ली पहुंचाने की बात कहकर रोडवेज बस में छोड़कर चले गए।

रास्ते में दोनों बस से उतर गए और बुजुर्ग महिला अकेली रह गईं। न उन्हें दिल्ली का पता मालूम था और न वह बता पा रही थीं कि वहां किसके पास जाना है। महिला को असहाय देखकर परिचालक ने उन्हें रुद्रपुर कोतवाली पहुंचाया। अब पुलिस उनके स्वजन की तलाश में जुटी है।

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किसी ने सही कहा है कि जीते-जी दुत्कारा और मरने के बाद रो रहे हैं...। आज यही पंक्तियां यहां एक ऐसी ही घटना पर सिद्ध हो रही हैं। शनिवार को रुद्रपुर में एक मामले ने ममता को झकझोर कर रख दिया। 89 वर्षीय बुजुर्ग महिला को लेकर परिचालक कोतवाली पहुंचा।

पुलिस ने बुजुर्ग महिला से पूछताछ की

बताया कि अम्मा को कोई रोडवेज बस में छोड़कर चला गया, वे समझ नहीं पा रही हैं कि उन्हें जाना कहां हैं। वो तो भला हो वह ज्यादा दूर तक नहीं गया था, इसलिए कोतवाली लेकर आ गया। परिचालक की बात सुन पुलिस ने बुजुर्ग महिला से पूछताछ की। महिला के पास मिले आधार कार्ड से उनकी पहचान जगतारिणी देवी पत्नी बुद्धिलाल शर्मा के रूप में हुई है।

आधार कार्ड में उनका पता ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के फुलसुंगी, वार्ड नंबर एक दर्ज है। वह मूल रूप से बिहार की रहने वाली बताई जा रही हैं। पुलिस के अनुसार, महिला ने बताया कि उनके नाती बंटी और गुड्डू उन्हें दिल्ली ले चलने की बात कहकर साथ लाए और रोडवेज बस स्टैंड पर आकर बस में बैठे। बस जैसे ही चलने वाली थी कि कुछ दूरी पर ही वे दोनों उतर गए, बस धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी।

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परिचालक जब टिकट काटने के लिए महिला के पास पहुंचा तो वह कुछ नहीं बता पा रही थी। बोली उनके नाती से पूछ लो, आवाज लगाई तो बस में कोई महिला को अपना कहने वाला नहीं था। परिचालक ने बस को कोतवाली के सामने रोकने की बात चालक से कही।

पुलिस के अनुसार महिला ने अपने दामाद का नाम महेंद्र बताया और कहा कि वो दिल्ली में रहते हैं। उम्र और कमजोरी के कारण वह अपना पूरा पता और अन्य जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रही हैं। इससे यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि वह दिल्ली क्यों जा रही थीं और वहां किसके पास पहुंचना था।

एसएसआइ खुशवंत सिंह और महिला कांस्टेबल पायल ट्रांजिट कैंप थाने ले जाकर आधार कार्ड में दर्ज पते और उनके बताए रिश्तेदारों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।