किच्छा थप्पड़ कांड: विधायक तिलक राज बेहड़ बोले, 'मैं नहीं दूंगा तहरीर'
कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने किच्छा में थप्पड़ मारने की घटना पर पुलिस को तहरीर देने से इनकार किया है।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, किच्छा । थप्पड़ मारने वाली घटना पर कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने साफ कहा है कि वह पुलिस को तहरीर नहीं देंगे। अगर प्राथमिकी दर्ज करानी है तो यहां के सीओ, आरओ कराएं। इस मामले को वे विधानसभा की विशेषाधिकार हनन समिति के समक्ष उठाएंगे और यहां के हर उस अधिकारी को दर्ज करेंगे जिसने ऐसे हालात पैदा करने के लिए मजबूर किया है।
मंगलवार को चुनाव के दौरान ही मंडी समिति में बने स्ट्रांग रूम में पर्दे डालने की जानकारी मिलते ही किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह के साथ स्ट्रांग रूम पहुंच गए थे। वहां उन्होंने पर्दे डालने पर आपत्ति जताई। साथ ही वे स्ट्रांग रूम के बाहर कुर्सी डालकर बैठ गए थे।
कार्यकर्ता ने बेहड़ पर छोड़ दिया हाथ
इसकी जानकारी मिलते ही भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी प्रत्याशी संदीप अरोड़ा के साथ मंडी पहुंच गए और सीधे बेहड़ से नोंकझोंक होने लगी। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसी बीच भाजपा के पूर्व विधायक के साथ मौजूद एक कार्यकर्ता ने बेहड़ पर हाथ छोड़ दिया। इससे माहौल गरमा गया। दोनों नेता अलग - अलग धरने पर बैठ गए।
यह भी पढ़ें- Kichha Municipal Election: विधायक बेहड़ पर हमले पर आक्रोश, ऊधमसिंह नगर में प्रशासन का पुतला फूंकेगी कांग्रेस
बाद में पुलिस दोनों को उठाकर साथ ले गई। बेहड़ को किच्छा कोतवाली में रखा गया और शुक्ला को सिडकुल चौकी में भेजा गया। कोतवाली से रात में छूटने पर विधायक बेहड़ ने कहा कि वे तहरीर नहीं देंगे। एक विधायक पर हाथ उठाने का काम अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ है, जो भी प्राथमिकी दर्ज करानी हो तो वो अधिकारी कराएं।
वे इस मामले को विधानसभा की विशेषाधिकार हनन समिति के समक्ष रखेंगे। वहां बताएंगे कि किन अधिकारियों और पुलिस की लापरवाही के कारण यह सारा घटनाक्रम हुआ है। बेहड़ ने दो टूक कहा कि भाजपा चुनाव हारती देख पहले ही बौखलाने लगी थी, निष्पक्ष मतगणना पर उन्हें संदेह है।
