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ऊधम सिंह नगरः खटीमा में जमीन में सोना होने का लालच देकर लाखों रुपये ठगे, फर्जी दारोगा ने धमकाया, नौ लोगों पर मुकदमा दर्ज

Published: Mon, 12 Oct 2026 11:35 AM (IST)

खटीमा में एक व्यक्ति को जमीन में सोना होने का लालच देकर लाखों रुपये ठगे गए और उसकी बेशकीमती जमीन हड़पने की कोशिश की गई।

यह तस्वीर एआई से बनाई गई है

यह तस्वीर एआई से बनाई गई है

HighLights

  1. जमीन में सोना होने का लालच देकर ठगी।

  2. फर्जी दरोगा बन दुष्कर्म केस की धमकी।

  3. बेशकीमती जमीन हड़पने का प्रयास, नौ पर केस।

जागरण संवाददाता, खटीमा (ऊधम सिंह नगर)। जमीन के नीचे 100 किलो से अधिक सोना दबा है, विशेष पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र से इसे बाहर निकाला जा सकता है। इसी लालच में एक व्यक्ति ऐसा फंसा कि न केवल लाखों रुपये खर्च कर बैठा, बल्कि अपनी बेशकीमती जमीन भी गंवाने की नौबत आ गई।

आरोप है कि सोना निकालने का सपना दिखाने वालों ने बाद में फर्जी दरोगा के जरिए दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर जमीन के कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए। मामले में पुलिस ने नौ लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भूड़ महोलिया निवासी रणधीर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता उमेश सिंह सीधे-साधे व्यक्ति हैं। आरोप है कि वार्ड नंबर 12 निवासी लक्ष्मण सिंह भाटिया और उसके साथियों ने उन्हें विश्वास में लेकर बताया कि उनकी जमीन में 100 किलो से अधिक सोना दबा हुआ है।

आरोपितों ने दावा किया कि एक तांत्रिक विशेष पूजा-पाठ के जरिए जमीन से सोना निकाल सकता है। इस लालच में उमेश सिंह उनके संपर्क में आ गए। आरोप है कि पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक क्रियाओं के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक खर्च होने की बात कही गई। इसके बाद भी उन्हें लगातार मानसिक दबाव में रखा गया।

हाईवे किनारे की बेशकीमती जमीन पर थी नजर

शिकायतकर्ता ने बताया आरोपितों की नजर उनके पिता की हाईवे से लगी बेशकीमती जमीन पर थी। आरोप है कि जमीन को औने-पौने दाम पर हासिल करने के लिए पूरी साजिश रची गई। और कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान कराए गए। इन दस्तावेजों में अलग-अलग करीब 46 लाख और 80 लाख रुपये की धनराशि अंकित होने की बात कही गई है।

कार में बैठाई युवती, फिर आ धमका फर्जी दरोगा

आरोप है कि एक दिन उमेश सिंह को बातचीत के बहाने कार में बैठाकर ले जाया गया। रास्ते में एक युवती को भी कार में बैठाया गया। इसके बाद कार पहेनिया से अंदर की ओर ले जाई गई। वहां, एक व्यक्ति दो अन्य लोगों के साथ पहुंचा और खुद को खटीमा कोतवाली का दरोगा बताकर पूछताछ करने लगा।

उसने उमेश सिंह के साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर एक फार्म पर ले जाया गया। वहां पर उनके पिता को डराकर जमीन के विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगवाए गए। साथ ही उनके पास मौजूद करीब 10 लाख रुपये नकद भी लिए गए।

इसके बाद धमकी दी गई कि मांग के अनुसार धनराशि नहीं देने पर युवती के माध्यम से दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवा दिया जाएगा। आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम से उमेश सिंह की मानसिक स्थिति बिगड़ गई और वह लगातार भय तथा तनाव में रहने लगे।

छह नामजद समेत नौ के खिलाफ मुकदमा

पीड़ित के बेटे रणधीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने लक्ष्मण सिंह भाटिया, शिव सिंह राणा उर्फ सुद्दू, कथित तांत्रिक मुकेश कुमार, कश्मीर सिंह, नन्द किशोर उर्फ नेपाली और विवेक सक्सेना समेत तीन अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 127(2), 308(6), 318(4), 319(2) और 61(2) के तहत कार्रवाई की है। मामले की जांच उपनिरीक्षक राकेश राय को सौंपी गई है। पुलिस अब आरोपों और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

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