खालसा डिजिटल स्टूडियो के बैंक खाते से 18 राज्यों में साइबर ठगी की 65 शिकायतें, पुलिस जांच शुरू
खालसा डिजिटल स्टूडियो के बैंक खाते से 18 राज्यों में 65 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस ने ...और पढ़ें

HighLights
खालसा डिजिटल स्टूडियो खाते से 65 साइबर धोखाधड़ी शिकायतें।
18 राज्यों में फैली ठगी, पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी।
हस्ताक्षरकर्ताओं की भूमिका और लेनदेन की होगी गहन जांच।
जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। खालसा डिजिटल स्टूडियो फर्म से जुड़े बैंक खाते के विरुद्ध 18 राज्यों से साइबर धोखाधड़ी की 65 शिकायतें दर्ज होने का मामला सामने आया है। गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और जेएमआइएस पर उपलब्ध विवरण के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
अब पुलिस बैंक खाते के संचालन, उसमें हुए लेन-देन और धनराशि के स्रोत से लेकर उसके गंतव्य तक की पड़ताल करेगी। साथ ही फर्म के तीनों अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की भूमिका भी जांच भी की जाएगी।
ट्रांजिट कैंप कोतवाली में तैनात एएसआइ रमेश चंदोला के अनुसार, गृह मंत्रालय की ओर से संचालित समन्वय पोर्टल पर खालसा डिजिटल स्टूडियो फर्म से संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर 65 शिकायतें दर्ज मिली हैं।
ये शिकायतें देश के 18 राज्यों से संबंधित हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।
फर्म के बैंक खाते के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में जयनगर नंबर तीन निवासी पदम सिंह पुत्र प्रीतम सिंह, बरकत सिंह पुत्र प्रीतम सिंह और जयनगर नंबर दो निवासी भाग सिंह पुत्र प्रीतम सिंह शामिल हैं।
खाते के विरुद्ध अलग-अलग राज्यों से साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित बैंक खाते का इस्तेमाल किस प्रकार और किन परिस्थितियों में किया गया।
जांच के तहत बैंक से खाते केवाईसी दस्तावेज, खाता खोलने का आवेदन, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं से संबंधित अभिलेख और विस्तृत लेन-देन का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इसके माध्यम से खाते में रकम जमा होने के स्रोत, धनराशि के हस्तांतरण और उसके अंतिम गंतव्य का पता लगाया जाएगा।
साथ ही यह भी जांच होगी कि दर्ज शिकायतों में बताए गए साइबर अपराधों से फर्म और उसके अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं का कोई संबंध है या नहीं। सीओ सिटी विभव सैनी ने बताया कि पुलिस ने तीनों अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर उनकी भूमिका की जांच शुरू कर दी है। शिकायतों में सामने आए तथ्यों की जांच के बाद ही साइबर धोखाधड़ी में उनकी संलिप्तता के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
