खटीमा के कपिल का एशियन गेम्स में कांस्य पदक पक्का, किया देश का नाम रोशन, ईरान के बाद कोरिया को 5-0 से हराया
खटीमा के अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज कपिल पोखरिया ने जापान में चल रहे एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में जगह बनाई, कोरियाई मुक्केबाज को 5-0 से हराकर कांस्य पदक पक्का किया।
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जागरण संवाददाता, खटीमा। खटीमा के चकरपुर-महतगांव निवासी अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज कपिल पोखरिया ने जापान में चल रहे एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
सोमवार को क्वार्टर फाइनल में कपिल ने कोरिया के मुक्केबाज को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से शिकस्त दी। इसके साथ ही प्रतियोगिता में उनका कांस्य पदक पक्का हो गया है। अब 30 सितंबर को सेमीफाइनल में उनका मुकाबला उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज से होगा।
इसमें जीत मिलने पर वह स्वर्ण पदक के लिए फाइनल में उतरेंगे। वर्तमान में हवलदार कपिल पोखरिया आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इससे पहले उन्होंने नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कपिल लगातार बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं।
पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में वह क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे, जबकि यूरोप में हुई ग्रीक चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल कर चुके हैं।कपिल के वर्तमान कोच किशन बेलवाल ने बताया कि प्रतियोगिता में कपिल ने पहले ईरान के मुक्केबाज को पराजित किया और सोमवार को कोरिया के खिलाड़ी को 5-0 से मात दी।
कोरिया के खिलाफ मुकाबले में कपिल की बेहतर तकनीक और रणनीति जीत की अहम वजह रही। खासकर बैक फुट मूवमेंट का उन्होंने बखूबी इस्तेमाल किया। मुकाबले के दौरान उन्होंने दिमाग शांत रखा और जल्दबाजी में आक्रामक होने के बजाय सही समय पर पंच लगाकर अंक जुटाए।
बेलवाल के मुताबिक कपिल स्वाभाविक रूप से काफी आक्रामक मुक्केबाज हैं। पहाड़ी क्षेत्र से आने के कारण उनमें ताकत और दमखम की कमी नहीं है, लेकिन इस बार उनकी तकनीक में खास सुधार किया गया है।
पहले वह लगातार आगे बढ़कर पंच लगाने पर ज्यादा जोर देते थे। अब बैक फुट पर रहकर प्रतिद्वंद्वी के हमले से बचने और सही मौके पर काउंटर पंच लगाने की तकनीक को बेहतर किया गया है। कोरिया के खिलाफ कपिल ने इसी रणनीति को सफलतापूर्वक लागू किया, जिसका नतीजा 5-0 की जीत के रूप में सामने आया।
कपिल के बेसिक कोच पूरन बोरा ने बताया कि कपिल ने वर्ष 2012 से उनके निर्देशन में मुक्केबाजी का प्रशिक्षण लिया। वर्ष 2017 तक वह पांच प्रशिक्षण शिविरों में उनके साथ रहे। 2017 में पदक जीतने के बाद कपिल आगे के प्रशिक्षण के लिए साई काशीपुर चले गए।
वर्ष 2019 में सीनियर नेशनल में पदक हासिल करने के बाद वह कुमाऊं रेजिमेंट में भर्ती हो गए। इसके बाद एशियन चैंपियनशिप समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई। कपिल ने 2025 और 2026 के नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर भी अपनी श्रेष्ठता साबित की है।
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अब जापान में लगातार दो मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचने से उनके गृह क्षेत्र में खुशी है। सभी की निगाहें 30 सितंबर को होने वाले सेमीफाइनल पर टिकी हैं, जहां उज्बेकिस्तान की चुनौती पार कर कपिल के पास फाइनल में पहुंचने और स्वर्ण पदक की ओर कदम बढ़ाने का मौका होगा।
