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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बच्‍चे तो बच्‍चे शिक्ष‍िका भी नहीं बता पाई मुख्‍यमंत्री का नाम

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 29 Apr 2017 02:45 PM (IST)Updated: Sun, 30 Apr 2017 05:05 AM (IST)

उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में एक स्‍कूल में बच्‍चे तो बच्‍चे एक शिक्ष‍िका प्रदेश के मुख्‍यमंत्री का नाम नहीं बता पाई।

बच्‍चे तो बच्‍चे शिक्ष‍िका भी नहीं बता पाई मुख्‍यमंत्री का नाम
बच्‍चे तो बच्‍चे शिक्ष‍िका भी नहीं बता पाई मुख्‍यमंत्री का नाम

काशीपुर, [जेएनएन]: सरकारी शिक्षा का क्‍या आलम है यह देखना है तो काशीपुर के ग्राम बैलजूडी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय आ जाइए। यहां छात्र तो छात्र शिक्षिका को भी प्रदेश के मुख्‍यमंत्री का नाम नहीं मालूम नहीं। 

ग्राम बैलजूडी में आज सुबह अभिभावक राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां सड़े बैंगन देख उन्‍होंने हंगामा काटा। सूचना पर एसडीएम दयानंद सरस्वती स्‍कूल पहुंचे। उन्‍होंने बैंगन की जांच की तो बैंगन खराब पाया गया। 

इस दौरान उन्होंने बच्चों से राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम पूछे तो प्रधानमंत्री को छोड़कर बच्‍चे  किसी का नाम नहीं बता पाए। कुछ बच्चे अपना नाम अंग्रेजी में नहीं लिख पाए। गणित में भी बच्चे कमजोर पाए गए। एक व्यक्ति ने एक शिक्षिका से राज्य के मुख्यमंत्री का नाम पूछा तो शिक्षिका ने अरविन्द पांडेय को मुख्यमंत्री बताया। 

एसडीएम सरस्वती ने कहा कि हर शनिवार को वह खुद स्कूल में आकर गणित व अंग्रेजी पढ़ाएंगे। उन्होंने शिक्षकों को शिक्षा व्यस्था दुरुस्त व खाने की गुणवत्ता बनाये रखने को कहा। साथ ही इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजेंगे।

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