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उत्तराखंड में आसमान से बरसी आफत: फसलें चौपट, खेतों की हालत देख आंसू नहीं रोक पाए किसान

Published: Sat, 10 Oct 2026 08:57 AM (IST)

उत्तराखंड के रुद्रपुर और गदरपुर क्षेत्र में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने किसानों की धान व गन्ने की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

तराई में मौसम के बदले मिजाज से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान. Jagran

तराई में मौसम के बदले मिजाज से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान. Jagran

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जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। शुक्रवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों के आंसू निकाल दिए। ओलावृष्टि से फसल ऐसे बिछ गई मानो किसी ने सफेद चादर उड़ा दी हो। पहले से बारिश की मार झेल रहे किसानों के सामने एक बार फिर मौसम के अचानक बदले मिजाज ने धान के साथ गन्ने की फसल को चौपट कर डाला।

तराई क्षेत्र में धान की फसल पकने के दौर में है। ऐसे में बारिश से फसल को पहले से ही काफी नुकसान हो चुका है। शुक्रवार को खेतों में पानी भरने और तेज ओलावृष्टि होने से खेतों में फसल पूरी तरह चौपट हो गई।

ओलावृष्टि का असर फसलों की बालियों पर भी पड़ सकता है। किसानों को अब मौसम साफ होने का इंतजार है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन खेतों का निरीक्षण करने के द ही स्पष्ट हो सकेगा।

ओलावृष्टि से हजारों एकड़ धान की फसल बर्बादी की कगार पर

संस, गदरपुर : ग्राम नारायणपुर दोहरिया में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से धान की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा। खेतों में फसल की जगह ओलों की सफेद चादर बिछ गई। किसानों ने कहा कि उन्होंने पिछले 70 वर्षों में ऐसा नुकसान नहीं देखा।

बारिश और ओलावृष्टि थमने के बाद जब किसान अपने खेतों में पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। महीनों की मेहनत को आंखों के सामने बर्बाद होता देख किसानों के चेहरे मायूस हो गए। फसल बर्बाद होने की सूचना मिलने पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ग्राम नारायणपुर दोहरिया पहुंचे।

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उन्होंने प्रभावित किसानों से बातचीत की। किसानों ने उन्हें बताया कि धान की फसल तैयार होने के करीब थी, लेकिन अचानक आई प्राकृतिक आपदा ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

इस मौके पर भजन सिंह, पूर्व प्रधान अवतार सिंह, ओमपाल सिंह, हरभजन सिंह, त्रिलोक सिंह, राम सिंह, हुकम सिंह, संतोष सिंह, सुखा भुसरी, वीरेंद्र सिंह, नेतराम, जरनैल सिंह, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

जितना नुकसान हुआ है उतना मुआवजा मिलेगा: सांसद अजय भट्ट

गदरपुर : क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि को देखते हुए सांसद अजय भट्ट ने बताया कि क्षेत्र के किसानों के नुकसान की जानकारी मिली तो वह चलने लगे। इसी दौरान पत्नी के हार्ट में अचानक दर्द होने के कारण उन्हें दिल्ली जाना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी और सीडीओ से तुरंत वार्ता की। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जल्द से जल्द रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को दी जाए। उन्होंने बताया कि जिस किसान का जितना नुकसान हुआ है, उतना मुआवजा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को भी इसकी जानकारी दी गई थी। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर बाजपुर में उतरा और वहां जानकारी लेकर अधिकारियों को तुरंत निर्देशित किया गया है।

आंधी-तूफान से कई मार्गों पर गिरे पेड़, बाधित रहा यातायात

गदरपुर : गदरपुर ब्लाक के अधिकांश गांवों में धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। खेतों में खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई और कई जगह धान के केवल डंठल ही बचे हैं। वहीं, तेज हवाओं के कारण गदरपुर-रुद्रपुर और गदरपुर-सकैनिया मार्ग सहित कई सड़कों पर पेड़ और बिजली के पोल गिरने से यातायात बाधित हो गया।

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सूचना पर उप जिलाधिकारी डा. अमृता शर्मा और तहसीलदार लीना चंद्रा राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचीं और पेड़ों को कटवाकर यातायात सुचारु कराया। शुक्रवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने लगे। कुछ ही देर में खेतों में ओलों की मोटी परत जम गई।

ग्राम मुकुंदपुर, चार नंबर, पांच नंबर, रामचंद्रपुर, सीतापुर, गोपाल नगर, खेमपुर और रोशनपुर तोता वाला, रामचंद्रपुर सहित गदरपुर क्षेत्र के अनेक गांवों में किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के चलते गदरपुर-रुद्रपुर मार्ग पर कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल गिर गए।

वहीं, गदरपुर-सकैनिया मार्ग पर भी भारी पेड़ गिरने से आवागमन ठप हो गया। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। उप जिलाधिकारी डा. अमृता शर्मा और तहसीलदार लीना चंद्रा ने राजस्व कर्मियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पेड़ों को आरी से कटवाकर सड़क से हटवाया गया और यातायात बहाल कराया गया।

विद्यालय की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त, कार भी टूटी

गदरपुर : आंधी-तूफान के कारण राजकीय अटल उत्कृष्ट विद्यालय के पास सड़क किनारे खड़ी एक कार पर यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ग्राम गोपाल नगर स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय में भी यूकेलिप्टस के पेड़ गिरने से चहारदीवारी को भारी नुकसान पहुंचा।

गनीमत रही कि तूफान के समय सभी बच्चे कक्षाओं के अंदर थे। पेड़ दूसरी दिशा में गिरने से बड़ा हादसा टल गया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी सूचना मिलने पर किसानों के साथ प्रभावित खेतों में पहुंचे।

किसानों ने उन्हें खेतों में जमा ओलों और बर्बाद हुई धान की फसल को दिखाया। किसानों ने बताया कि बारिश रुकने के कई घंटे बाद भी खेतों में ओलों की मोटी परत जमी हुई थी।

बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर फसल तबाह

संवाद सहयोगी, गूलरभोज : शुक्रवार दोपहर अंधड़ और बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से क्षेत्र में धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई किसानों की कई एकड़ फसल जलमग्न हो गई, जबकि ओलों की मार से पककर तैयार धान की बालियां झड़ गईं।

तरुण दुबे, ओमप्रकाश यादव, ओमप्रकाश डोगरा, गोविंद सिंह, नैन सिंह, प्रेम सिंह आदि किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार करने में किसान पहले ही काफी लागत लगा चुके हैं।

ऐसे में फसल खराब होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम की मार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसल का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

गदरपुर-मटकोटा मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात ठप, सौ से अधिक बिजली के पोल गिरे

संवाद सहयोगी, दिनेशपुर : शुक्रवार को तेज तूफान और ओलावृष्टि ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। गदरपुर-मटकोटा मार्ग पर रामबाग के पास विशालकाय यूकेलिप्टस के पेड़ धराशायी हो गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। वहीं, क्षेत्र में सौ से अधिक बिजली के पोल गिरने और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।

तूफान और ओलावृष्टि से कई एकड़ में खड़ी धान की फसल भी जमीन पर बिछ गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। शुक्रवार को अचानक आए तेज तूफान के कारण गदरपुर-मटकोटा मार्ग पर कई स्थानों पर विशालकाय पेड़ गिर गए। सड़क पर पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, बिजली के पोल गिरने और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमित नारंग ने हल्द्वानी पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। उन्होंने तूफान और ओलावृष्टि से उत्पन्न स्थिति की जानकारी देते हुए प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग की।