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टिहरी की महिला रामलीला में मां-बेटे ने निभाए सीता-लक्ष्मण के किरदार, जेठानी-देवरानी बनीं मंदोदरी-कैकेयी

Published: Thu, 22 Oct 2026 05:34 PM (GMT+05:30)

टिहरी नगर में महिला कीर्तन मंडली द्वारा आयोजित रामलीला में रिश्तों की अनूठी तस्वीर दिखी, जहाँ माँ-बेटे ने सीता-लक्ष्मण और जेठानी-देवरानी ने मंदोदरी-कैकेयी की भूमिका निभाई।

सीता के किरदार में सरिता जुयाल बेटे सुयश जुयाल लक्ष्मण के किरदार के साथ में। साभार स्वयं

सीता के किरदार में सरिता जुयाल बेटे सुयश जुयाल लक्ष्मण के किरदार के साथ में। साभार स्वयं

HighLights

  1. माँ सरिता जुयाल सीता, बेटा सुयश लक्ष्मण बने।

  2. जेठानी-देवरानी ने मंदोदरी-कैकेयी की भूमिका निभाई।

  3. महिला मंडली ने अभिनय व निर्देशन की जिम्मेदारी संभाली।

जागरण संवाददाता, टिहरी गढ़वाल। टिहरी नगर के आजाद मैदान में महिला कीर्तन मंडली टिहरी नगर अजबपुर कला की ओर से आयोजित रामलीला में रिश्तों की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। यहां मां सरिता जुयाल माता सीता तो उनके बेटे सुयश जुयाल लक्ष्मण की भूमिका निभाई तो वहीं जेठानी किरन बहुगुणा मंदोदरी और देवरानी आशा बहुगुणा कैकेयी के किरदार में नजर आईं।

रामलीला में अधिकतर पात्रों का मंचन महिलाओं द्वारा किया गया। अभिनय के प्रति लगन और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच मंच पर इन महिलाओं की प्रतिभा ने दर्शकों को खूब रोमांचित किया। खास बात यह रही कि सरिता जुयाल अभिनय के साथ रामलीला के कार्यकारी निर्देशन की जिम्मेदारी भी संभाली।

बचपन का शौक, चार साल से मिल रहा मंच

थिएटर में एमए कर चुकीं सरिता जुयाल सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जबकि उनके बेटे सुयश एमसीए करने के बाद एक कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। सरिता बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही अभिनय का शौक था। रामलीला में पुरुषों को अलग-अलग किरदार निभाते देख उनके मन में भी मंच पर उतरने की इच्छा होती थी, लेकिन तब अवसर नहीं मिला।

हर वर्ष रामलीला देखते-देखते उन्हें पात्रों के संवाद और गीत याद हो गए। समय मिलने पर वह घर में ही अभ्यास करती थीं। पिछले चार वर्षों से उन्हें रामलीला में अभिनय का अवसर मिल रहा है। अब वह कार्यकारी निर्देशन की जिम्मेदारी भी निभाती हैं।

घर की जिम्मेदारियों के साथ मंच पर अभिनय

गृहिणी किरन बहुगुणा ने मंदोदरी और उनकी देवरानी आशा बहुगुणा ने कैकेयी की भूमिका निभाई। दोनों घर-गृहस्थी की जिम्मेदारियां निभाने के साथ मंच पर भी अपनी प्रतिभा बखूबी पेश की। उनका कहना है कि अभिनय का शौक शुरू से था। रामलीला में अवसर मिला तो अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका भी मिल गया।

इन महिलाओं ने भी निभाया किरदार

रामलीला में रश्मि पांडे सुमित्रा, रेनू डंगवाल शूर्पणखा, मानसी कौशल्या, अनीता बिष्ट तारा, सरिता भट्ट शबरी और शांभवी अहिल्या की भूमिका निभाई। महिलाओं की भागीदारी धार्मिक आयोजन को विशिष्ट पहचान देने के साथ ही उनकी कला, आत्मविश्वास और अभिनय के प्रति लगन को भी सामने लाने यह सार्थक प्रयास रहा।

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