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किसान की बेटी ने खेतों में भाइयों संग खेला क्रिकेट, अब उत्तराखंड की सीनियर महिला टीम तक पहुंची रितिका

Published: Fri, 23 Oct 2026 09:59 AM (IST)Updated: Fri, 23 Oct 2026 10:02 AM (IST)

केदारघाटी के रामपुर न्यालसू गांव की रितिका रावत का चयन उत्तराखंड की सीनियर महिला टी-20 क्रिकेट टीम में हुआ है।

खेतों में भाइयों संग क्रिकेट खेलने से उत्तराखंड की सीनियर टीम तक पहुंचीं रितिका रावत. Jagran

खेतों में भाइयों संग क्रिकेट खेलने से उत्तराखंड की सीनियर टीम तक पहुंचीं रितिका रावत. Jagran

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संवाद सहयोगी, फाटा (रुद्रप्रयाग)। पहाड़ की बेटियां अगर ठान लें तो सीमित संसाधन भी उनके सपनों की राह नहीं रोक सकते। केदारघाटी के रामपुर न्यालसू गांव की रितिका रावत ने अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के दम पर इसे साबित कर दिखाया है।

कभी गांव के खेतों में भाइयों के साथ क्रिकेट खेलने वाली रितिका का चयन अब उत्तराखंड की सीनियर महिला टी-20 क्रिकेट टीम में हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से केदारघाटी सहित पूरे जनपद रुद्रप्रयाग में खुशी की लहर है।

किसान परिवार से निकलकर क्रिकेट के मैदान में हासिल किया मुकाम 

एक साधारण किसान परिवार से निकलकर क्रिकेट के मैदान में यह मुकाम हासिल करने वाली रितिका की सफलता उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का सपना देखती हैं। रितिका रावत के पिता महेंद्र सिंह रावत किसान हैं, जबकि माता अरुणा देवी गृहिणी हैं।

चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर की रितिका की प्रारंभिक शिक्षा रामपुर के न्यालसू गांव में हुई। गांव के परिवेश में पली-बढ़ीं रितिका को बचपन से ही क्रिकेट में रुचि थी। भाइयों के साथ खेतों में क्रिकेट खेलते हुए उनका इस खेल के प्रति लगाव बढ़ता गया। शुरुआत में शौक के तौर पर शुरू हुआ यह सिलसिला धीरे-धीरे उनके जीवन का लक्ष्य बन गया।

ऊखीमठ में इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान रितिका ने क्रिकेट को गंभीरता से लेना शुरू किया। वह इस खेल में आगे बढ़ना चाहती थीं, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर प्रशिक्षण हासिल करने में चुनौती बन रही थी।

रितिका की प्रतिभा और क्रिकेट के प्रति समर्पण को देखते हुए कोच गणेश वर्मा ने उन्हें प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया। उन्होंने रितिका को स्थानीय टूर्नामेंट में खेलने के अवसर भी उपलब्ध कराए। इन प्रतियोगिताओं से रितिका को अपने खेल को निखारने और अनुभव हासिल करने का मौका मिला।

सीमित संसाधनों के बीच भी उन्होंने अभ्यास जारी रखा। बेहतर प्रशिक्षण और अपने खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए वह आगे की कोचिंग लेने देहरादून भी गईं। लगातार मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

उत्तराखंड सीनियर महिला टी-20 क्रिकेट टीम में चयन

रितिका का उत्तराखंड सीनियर महिला टी-20 क्रिकेट टीम में चयन उनके अब तक के संघर्ष और मेहनत का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है।

रितिका की कामयाबी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या सुविधासंपन्न परिवार की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, अवसर और निरंतर मेहनत से पहाड़ की बेटियां भी प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। रामपुर न्यालसू के खेतों से शुरू हुआ रितिका का क्रिकेट सफर अब उत्तराखंड की सीनियर टीम तक पहुंच गया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे केदारघाटी क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

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