रुद्रप्रयाग, जेएनएन। केदारनाथ के लिए हेलीकाप्टर सेवा का संचालन करने वाली सात हेलीकाप्टर कंपनियों की उड़ान इस बार खटाई में पड़ सकती है। ऑलवेदर रोड के तहत गौरीकुंड हाइवे के चौड़ीकरण की जद में इन सभी हेलीकाप्टर कंपनियों के हेलीपैड आ रहे हैं। इसका सीधा असर हेलीकाप्टर सेवाओं के संचालन पर पड़ेगा।

रुद्रप्रयाग जिले में गुप्तकाशी से सोनप्रयाग के बीच 12 हेलीपैड हैं। इनमें से नारायणकोटी, सेरसी, बड़ासू व सेरसी जामू में हाइवे से सटे सात हेलीपैड ऑलवेदर रोड की जद में आ रहे हैं। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि किस हेलीपैड की कितनी भूमि कटिंग की जद में आएगी। नेशनल हाइवे गौरीकुंड की ओर से इसकी सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस हेलीपैड को कितना नुकसान होगा। बावजूद इसके कटिंग का कार्य यात्रा शुरू होने से पूर्व यानी अप्रैल आखिर तक पूरा होने की उम्मीद है। 

विदित हो कि 2013 की केदारनाथ त्रासदी के बाद से यात्रा में हेलीकाप्टर सेवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। यात्री पैदल या घोड़ा-खच्चर से दर्शनों को जाने की बजाय हेलीकाप्टर सेवा को ही तवज्जो दे रहे हैं। यही कारण है कि बीते वर्ष नौ हेलीकाप्टर कंपनियों ने केदारनाथ के लिए सेवाएं दीं। जबकि, वर्ष 2017 में कंपनियों की संख्या 13 थी। नेशनल हाइवे गौरीकुंड के अधिशासी अभियंता जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि रोड कटिंग का पूरा ब्यौरा जुटाया जा रहा है। इसी के बाद हेलीपैडों के बारे में तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी। वहीं, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि ऑलवेदर रोड कटिंग में आने वाले हेलीपैड एनएच ने चिह्नित करने हैं। इस संबंध में शुक्रवार को हेलीकाप्टर कंपनियों ने केदारघाटी में रेकी भी की थी।

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