रुद्रप्रयाग, [बृजेश भट्ट]: नवंबर पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित केदारनाथ दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री एटीवी (ऑल टरेन व्हीकल) से गरुड़चट्टी जाकर अपनी पुरानी यादें भी ताजा करेंगे। गरुड़चट्टी की केदारनाथ से दूरी साढ़े तीन किमी है। वहीं, प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारपुरी में चल रहा पांच में तीन परियोजनाओं का निर्माण कार्य 30 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। अन्य दो योजनाओं पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। केदारनाथ के कपाट नौ नवंबर को बंद होने हैं। 

प्रधानमंत्री ने बीते वर्ष केदारपुरी में पांच बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। इनमें से सरस्वती व मंदाकिनी नदी पर सुरक्षा दीवार व घाट, संगम से मंदिर तक पैदल मार्ग और केदारनाथ से गरुड़चट्टी तक 3.5 किमी लंबे पैदल मार्ग का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। जबकि, आदि शंकराचार्य की समाधि व 72 भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। पैदल मार्ग बनने से अब यात्री आसानी से गरुड़चट्टी पहुंच सकते हैं। 

विदित हो कि प्रधानमंत्री मोदी अस्सी व नब्बे के दशक में भी गरुड़चट्टी में कुछ समय बिता चुके हैं, इसलिए उनका गरुड़चट्टी के प्रति काफी लगाव है। प्रधानमंत्री की गरुड़चट्टी जाने की संभावनाओं के मद्देनजर प्रशासन ने पैदल मार्ग का निर्माण भी इस ढंग से कराया है कि वहां आसानी से एटीवी से पहुंच सके। पैदल मार्ग पर कही भी सीढ़ी नहीं है। जबकि इसकी चौड़ाई 4.5 मीटर रखी गई है। 

दूसरी ओर, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने भी केदारनाथ में निर्माण कार्य पूरा करने के लिए सभी एजेंसियों को 30 अक्टूबर तक का समय दिया है। वर्तमान में 500 से अधिक मजदूर निर्माणों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। धाम में चल रही तैयारियों को देखते हुए लग रहा है कि बीते वर्ष की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री का केदारनाथ आने का कार्यक्रम लगभग तय है। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि केदारनाथ यात्रा के दौरान यदि प्रधानमंत्री गरुड़चट्टी जाने की इच्छा जताते हैं तो उन्हें एटीवी से गरुड़चट्टी ले जाया जाएगा। 

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Posted By: Raksha Panthari