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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गंगा स्नान के साथ पांडव नृत्य शुरू

By sunil negiEdited By:
Published: Sat, 12 Nov 2016 10:11 AM (GMT+05:30)Updated: Mon, 14 Nov 2016 04:08 AM (GMT+05:30)

एकादशी की पूर्व संध्या पर तरवाड़ी गांव में देव निशान व पांडवों के पश्वाओं के गंगा स्नान के साथ पांडव नृत्य का शुभारंभ हो गया है।

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रुद्रप्रयाग, [जेएनएन]: ग्राम पंचायत दरमोला के तरवाड़ी गांव में देव निशान व पांडवों के पश्वाओं के गंगा स्नान के साथ पांडव नृत्य का शुभारंभ हो गया है। पांडव नृत्य गांव में 20 दिनों तक चलेगा।


प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरुवार को एकादशी की पूर्व संध्या पर दरमोला एवं स्वीली गांव के ग्रामीण देव निशानों को पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ गंगा स्नान के लिए अलकनंदा-मंदाकिनी के तट पर लाए। यहां पर रात्रिभर जागरण करने के बाद देवताओं की चार पहर की पूजाएं संपन्न हुई।

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शुक्रवार सुबह पांच बजे ग्रामीणों ने भगवान बदरीविशाल, लक्ष्मीनारायण, शंकरनाथ, नागराजा, चामुंडा देवी, हित, ब्रहमडुंगी, भैरवनाथ समेत कई देवताओं के निशानों के साथ ही पांडवों के अस्त्र-शस्त्रों का स्नान कराया गया। ब्राह्मïणों ने भगवान बदरी विशाल की आरती एवं विशेष पूजा अर्चना की। यहां हवन करने के बाद देवताओं का तिलक किया गया। पूजा अर्चना के पश्चात सभी देव निशानों ने अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान किया।

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ग्राम पंचायत दरमोला में प्रत्येक वर्ष अलग-अलग स्थानों पर पांडव नृत्य आयोजन होता है। एक वर्ष दरमोला व एक वर्ष राजस्व गांव तरवाड़ी में पांडव नृत्य का आयोजन होता है। इस वर्ष तरवाड़ी में पांडव नृत्य का भव्य रूप से शुभारंभ हो गया है।

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मान्यता है कि इस दिन भगवान नारायण पांच महीनों की निंद्रा से जागते हैं। इस दिन को शुभ माना गया है। इस अवसर पर जिपंस आशा डिमरी, जसपाल सिंह पंवार, भोपाल सिंह, कीर्ति राम डिमरी, चैतराम डिमरी, किशन रावत, अरविंद पंवार, रविन्द्र पंवार, शूरवीर सिंह, अवतार सिंह, विजय सिंह समेत बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित थे।
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