पिथौरागढ़, [जेएनएन]: भारत-नेपाल के बीच चल रहे सूर्यकिरण सैन्य अभ्यास के तीसरे दिन दोनों देशों के जवानों ने सीमा क्षेत्र में देश विरोधी ताकतों की संभावित हरकतों से निपटने के तौर तरीकों का अभ्यास किया। अभ्यास का माहौल बिल्कुल किसी घुसपैठ को रोकने के लिए होने वाली वास्तिवक कार्रवाई जैसा दिखा। 

शुक्रवार को तीसरे दिन के अभ्यास की शुरुआत शारीरिक व्यायाम से हुई। जवानों ने खूब पसीना बहाया। दूसरा सत्र बेहद महत्वपूर्ण रहा। जिसमें दोनों देशों के जवानों ने सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ को नाकाम करने का प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों देशों के जवानों ने इस कार्रवाई पर अपने अनुभव भी साझा किए।

इस दौरान आमने-सामने की फायरिंग का भी प्रदर्शन किया। फायरिंग से बचने और दुश्मन को घेरने के तौर तरीके शानदार थे। अंतिम समय में दुश्मन पर घात लगाकर हमला करने का प्रदर्शन हुआ।

काम्बैट शूटिंग का प्रदर्शन आयोजन का विशेष आकर्षण रहा। दोनों देशों के जवानों में अभ्यास को लेकर खासा उत्साह है। अभ्यास के दौरान जवानों को अधिकारियों द्वारा दिशानिर्देश भी दिए गए। बता दें भारत और नेपाल की सेनाओं के बीच 13 वां संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा है। जिसमें दोनों देशों के 300 जवान शिरकत कर रहे हैं। अभ्यास का समापन 12 जून को होगा। 

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