पिथौरागढ़ में खराब मौसम से जनजीवन प्रभावित, कैलास यात्रा मार्ग बंद, हेली सेवाएं भी ठप
पिथौरागढ़ में हिमपात, ओलावृष्टि और वर्षा से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग आठ घंटे बाधित रहा और विमान व हेली सेवाएं भी ठप रहीं।
जागरण टीम पिथौरागढ़। जिले में मौसम ने अचानक करवट बदली है। गुरुवार को धूप खिलने के बाद शुक्रवार सुबह से ही मौसम का रंग बदल गया। जबकि गुरुवार की रात्रि की वर्षा से कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तीन स्थानों पर मलबा आने से लगभग आठ घ्ंटे मार्ग बंद रहा। जिसके चलते आदि कैलास यात्री दोपहर के आसपास धारचूला से रवाना हुए।
वहीं काली और गोरी नदी घाटियों सहित ऊप्परी क्षेत्रों में शुक्रवार की सुबह ओलावृष्टि के साथ हुई। वहीं आदि कैलास में दूसरी बार हिमपात हो रहा है। आदि कैलास मार्ग पर कूटी से आगे और ओम पर्वत मार्ग पर कालापानी से आगे हिमपात हो रहा है। अलबत्ता यात्रा जारी है।
उच्च हिमालय की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी जारी है। वर्षा ,ओलावृष्टि, और चोटियों पर हिमपात से सीमांत जिले में कड़ाके की ठंड है जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों से लेकर घाटियों तक कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है।
प्रसिद्ध धार्मिक स्थल आदि कैलाश, कुटी, कालापानी और नावीढांग सहित तमाम ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ है। वहीं, काली और गोरी नदी घाटी क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। निचले इलाकों में लगातार वर्षा के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार खराब मौसम और भूस्खलन के कारण कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग लगभग आठ घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा। मार्ग बंद होने से कई जगहों पर यात्री फंस गए थे।
दोपहर के वक्त बीआरओ द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग को सुचारू किया गया, जिसके बाद आदि कैलास की ओर जाने वाले यात्रियों के काफिले को सुरक्षित आगे रवाना किया गया।
जिला मुख्यालय में मौसम की बेरुखी का असर परिवहन सेवाओं पर भी साफ देखने को मिला है। लगातार खराब दृश्यता और बारिश के कारण विमान व हेली सेवाओं पर ब्रेक लग गया है।
स्थिति यह रही कि केवल एक नियमित फ्लाइट ही दिल्ली से पिथौरागढ़ और वापस दिल्ली के बीच संचालित हो सकी, जबकि देहरादून की विमान सेवा और जिले की तमाम हेली सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। खराब मौसम के कारण यातायात और आवागमन बाधित होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जौलजीबी ओर डीडीहाट से मिली जानकारी के अनुसार काली और गोरी नदी घाटी क्षेत्र में सुबह भारी ओलावृष्टि हुई । ओलों की मार से फलों को भारी नुकसान हुआ है। पपीते के पेड पत्तियां विहीन हो चुकी हैं।जौलजीबी में तो घरों में तक पानी घुस गया। मुनस्यारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार चोटियों पर हिमपात ओर वर्षा से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है।
