पिथौरागढ़ में नाबालिग रिश्तेदार से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
पिथौरागढ़ में एक नाबालिग रिश्तेदार किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले दोषी योगेंद्र लोहार को विशेष सत्र न्यायालय ने ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। नाबालिग रिश्तेदरा किशोरी को बहला फुसला कर अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले दोषी को विशेष सत्र न्यायालय ने बीस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई ओर बीस हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मूल रूप से नेपाल के बैतड़ी जिले के न्वाघर और हाल निवासी टकाना पिथौरागढ़ निवासी योगेन्द्र लौहार 12 मई 2025 को 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। दोषी पीड़ता का रिश्तेदार है।
नाबालिग को अगवा कर आरोपित ने वड्डा क्षेत्र में एक मकान में कमरा किराए पर ले रखा था, जहां उसने करीब 13 दिनों तक नाबालिग को बंधक बनाकर रखा और शादी का झांसा देकर कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
नाबालिग के स्वजनों द्वारा काफी तलाश के बाद 26 मई 2025 को पीड़िता का सुराग लगा, जिसके बाद कोतवाली पिथौरागढ़ में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को बरामद कर आरोपित योगेंद्र लोहार को गिरफ्तार किया।
विवेचाना पूरी कर चार्जसीट दाखिल की। मामले की सुनवाई विशेष सत्र न्यायालय पॅाक्सों में चली। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) प्रेम सिंह भंडारी ने मजबूत पैरवी करते हुए नौ गवाह और तमाम दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए।
दोनों पक्षों को सुूनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश् धनंजय चुतर्बेदी ने सजा सुनाई।अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजा में बीस हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना जमा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राज्य सरकार से पीड़िता को एक लाख रुपए नियमानुसार दिलाने के निर्देश दिए।
