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पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक में बड़े वित्तीय घोटाले की जांच शुरू, आयकर विभाग से छिपाया 300 करोड़ का लेनदेन

Published: Fri, 16 Oct 2026 05:30 AM (IST)

पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक आयकर विभाग की जांच के दायरे में आ गया है, जहां 2023 से 2026 के बीच ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. पिथौरागढ़ बैंक में 300 करोड़ के लेनदेन की जांच।

  2. आयकर विभाग से जानकारी छिपाने का मामला सामने आया।

  3. बैंक प्रबंधन ने 15 दिन में खामियां सुधारने का वादा किया।

सुमन सेमवाल, देहरादून। उत्तराखंड में सहकारी बैंकों में बड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी आयकर विभाग को नहीं देने के मामले में अब पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक भी जांच के दायरे में आ गया है। बैंक में वर्ष 2023 से 2026 तक हुए बड़े लेनदेन की जांच में करीब 300 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी आयकर विभाग से छिपाए जाने का मामला सामने आया है।

यह कार्रवाई आयकर विभाग के इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन प्रकोष्ठ, देहरादून के आयकर अधिकारी वीरेंद्र कुमार और आयकर निरीक्षक मोहित राणा ने की। जांच गुरुवार देर शाम तक चली।

तीन साल के बड़े ट्रांजेक्शन की जांच

आयकर विभाग की टीम ने वर्ष 2023 से 2026 के बीच हुए बड़े वित्तीय लेनदेन की जांच की। इस दौरान करीब 300 करोड़ रुपये के ऐसे ट्रांजेक्शन सामने आए, जिनकी जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी गई थी। निर्धारित श्रेणी के बड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी विभाग को देना अनिवार्य होता है। इसका उद्देश्य बड़े लेनदेन पर निगरानी रखना और कर चोरी की आशंका वाले मामलों की पहचान करना है।

पिथौरागढ़ और चंपावत में 31 शाखाएं

पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक का परिचालन क्षेत्र दो जिलों में फैला है। बैंक की कुल 31 शाखाएं पिथौरागढ़ और चंपावत में संचालित हैं। इनमें करीब ढाई से तीन लाख खाते हैं। इन्हीं में करीब 300 करोड़ रुपये के लेनदेन की रिपोर्टिंग में गड़बड़ी अब जांच के घेरे में है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने खाताधारक इन लेनदेन से जुड़े हैं और कितने खातों में रिपोर्टिंग संबंधी अनियमितताएं पाई गई हैं।

बैंक पर कार्रवाई की तैयारी

बड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी निर्धारित समय पर नहीं देने पर बैंक की जवाबदेही तय की जा सकती है। आयकर विभाग जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। यदि किसी खाताधारक ने कर योग्य आय या संबंधित लेनदेन की जानकारी अपने आयकर रिटर्न में नहीं दी है, तो उसके मामले की भी अलग से जांच हो सकती है। बैंक प्रबंधन ने आयकर विभाग को भरोसा दिलाया है कि वह 15 दिन के भीतर सभी खामियों को दूर कर देंगें।

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