पिथौरागढ़: मेतली गांव में सड़क नहीं, प्रसव पीड़ा में डोली बनी एंबुलेंस, 13 किमी का सफर करना पड़ा तय
पिथौरागढ़ के मेतली गांव में सड़क न होने के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान 13 किमी ...और पढ़ें

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संवाद सहयोगी जागरण, पिथौरागढ़। पहाड़ में सड़क सिर्फ सफर का साधन नहीं, बल्कि जिंदगी और मौत के बीच का रास्ता है। मेतली गांव की 24 वर्षीय पूजा देवी के लिए मातृत्व की राह भी कुछ ऐसी ही रही। प्रसव पीड़ा उठी तो गांव में एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी।
परिजनों ने डोली को ही एंबुलेंस बनाया और 13 किलोमीटर का पहाड़ी रास्ता पैदल पार कर उसे बंगापानी पहुंचाया। वहां से महिला को जिला महिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने बेटी को जन्म दिया। बच्ची के जन्म की खुशी अभी थमी भी नहीं थी कि पहाड़ की दूसरी परीक्षा सामने थी।
प्रसव के बाद पूजा को अस्पताल से वापस गांव लाने के लिए फिर डोली का सहारा लेना पड़ा। रात के अंधेरे में टार्च और मोबाइल की फ्लैश लाइट के सहारे परिजन 13 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर महिला और नवजात को लेकर गांव पहुंचे।
मेतली निवासी नीरज बिष्ट की पत्नी पूजा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने डोली के सहारे आपदा में ध्वस्त पैदल रास्ते को पार किया। करीब 13 किमी पैदल चलने के बाद वह बंगापानी पहुंचीं। इसके बाद उन्हें जिला महिला अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में पूजा ने कन्या को जन्म दिया। मां और नवजात को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर वापसी के लिए भी कोई आसान रास्ता नहीं मिला। डोली में मां और बच्ची को लेकर परिजन रात में गांव की ओर रवाना हुए।
रास्ते को रोशन करने के लिए टार्च और मोबाइल की फ्लैश लाइट ही सहारा बनी। 13 किमी की खड़ी चढ़ाई के बाद दोनों को गांव पहुंचाया गया।
370 परिवार 2500 की आबादी फिर भी सड़क का इंतजार
धारचूला विधानसभा क्षेत्र के मेतली गांव में करीब 370 परिवार और 2500 की आबादी रहती है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे हैं। सड़क की मांग को लेकर कई बार आंदोलन भी किए जा चुके हैं, लेकिन आज तक गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है।
सवाल यह है कि जिस गांव में ढाई हजार लोग रहते हों, वहां आज भी प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला के लिए डोली ही एंबुलेंस क्यों है सड़क के लिए ग्रामीणों के आंदोलन और मांगें आखिर कब तक सरकारी फाइलों और आश्वासनों के बीच रास्ता तलाशती रहेंगी।
सड़क सुविधा से वंचित गांवों तक सड़क पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे।
आशीष भटगांई, डीएम पिथौरागढ़
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