पिथौरागढ़: आदि कैलास मार्ग पर बर्फ हटाने का काम जारी, लिपुलेख में 8-10 फीट बर्फ, तीन से चार दिन में खुलने की उम्मीद
पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्र में आदि कैलास यात्रा मार्ग और नावीढांग-लिपुलेख के बीच 8-10 फीट बर्फ हटाने का काम ...और पढ़ें
संवाद सूत्र, जागरण धारचूला। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र आदि कैलास यात्रा मार्ग पर भारी बर्फबारी के बाद सीमा सड़क संगठन की टीम सड़क से बर्फ हटाने में जुटी है।
कुटी से ज्योलिंगकोंग के मध्य मार्ग पर जमी कई फीट मोटी बर्फ को काटकर यातायात बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। वहीं कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर नावीढांग से लिपुलेख 12 किमी मोटर मार्ग पर आठ से दस फीट बर्फ जमी है।

बुधवार को लगभग एक हजार श्रद्धालुओं ने ज्योलिंगकोंग के निकट से आदि कैलास के दर्शन किए। आदि कैलास मंदिर और पार्वती सरोवर तक मार्ग खुलने में अभी दो से तीन दिन का समय लगने की संभावना है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में इन दिनों पारा शून्य से नीचे लुढ़क चुका है। हाड़ कंपा देने वाले माइनस तापमान और विषम परिस्थितियों के बावजूद बीआरओ के जवान व श्रमिक दिन-रात मार्ग सुचारू करने में डटे हैं। कुटी से जोलिंगकोंग के बीच बर्फ हटाने के लिए छह भारी मशीनों को तैनात किया गया है।
सड़क के दोनों ओर बर्फ के ऊंचे ढेर लगे होने से वाहनों का संचालन बेहद जोखिम भरा बना हुआ है। बीआरओ के अनुसार पूरी तरह बर्फ साफ कर मार्ग सुचारू करने में अभी तीन से चार दिन का समय और लग सकता है।
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दूसरी ओर, भीषण ठंड और फिसलन के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग है। बीते दिन भी लगभग एक हजार तीर्थयात्री कुटी से जोलिंगकोंग पहुंचे और आदि कैलास के दर्शन किए। भारी बर्फ देखकर यात्री खुश नजर आए।
प्रशासन व बीआरओ ने यात्रियों से मौसम का मिजाज देखकर ही आगे बढ़ने तथा पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है। लिपुलेख मार्ग पर बीआरओ की आसीसी 65 की टीम नावीढांग से लिपुलेख के बीच बर्फ हटाने में जुटी है।
मार्ग पर आठ से दस फीट बर्फ होने से समय अधिक लग रहा है। इधर आदि कैलास, ओम पर्वत के दर्शनों के लिए जाने वाले यात्रियों में उत्साह बना है। गुरुवार सायं तक इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।
