पिथौरागढ़ में 3 दिन बाद खुला कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग, चीन सीमा का संपर्क भी बहाल
पिथौरागढ़ में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग तीन दिन बाद खुल गया है, जिससे आदि कैलास यात्री गुंजी को रवाना हो सके और चीन सीमा का संपर्क भी बहाल हो गया।

आदि कैलास मार्ग के अंतिम गांव कुटी में हुई बर्फबारी
HighLights
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग तीन दिन बाद फिर खुला।
आदि कैलास, ओम पर्वत क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई।
बेमौसम बर्फबारी से नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।
जागरण टीम, पिथौरागढ़। सीमांत में धूप खिली परंतु आफत बनी हुई है। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग तीन दिन बाद खुल गया है। मार्ग खुलने के बाद आदि कैलास यात्री गुंजी को रवाना हो चुके हैं। टनकपुर -पिथौरागढ़ हाईवे घाट बैंड के पास सुबह मलबा आने से कुछ देर यातायात बंद रहा।
वहीं तवाघाट-लिपुलेख ,तवाघाट -दारमा मार्ग खुल चुके चुके हैं चीन सीमा का सम्पर्क बहाल हो गया है । मुनस्यारी में मिलम मार्ग अभी भी बंद । जिसे भर में एक सीमा मार्ग सहित 11 मोटर मार्ग बंद हैं।
आदि कैलास ज्योलींगकांग और नाबीढांग स्थित ओम पर्वत इलाके में भारी बर्फबारी का हुई । ज्योलिंगकाेंग में 5 फीट के आसपास बर्फ गिरी। पशुओं के साथ ज्योिलिंगकोंग पहुंचे ग्रामीणों ने वीडियो भेज कर बताया कि उनके जानवर फसे हैं और वह कुटी की तरफ आ रहे हैं।
आगे तक भारी बर्फ जम चुकी है, जिससे घरों की छतें ढक गई हैं और लोग अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों व कुटी गांव की ओर लौटने की तैयारी कर रहे हैं।
कुटी के होमस्टे संचालक कुंवर सिंह कुटियाल के अनुसार, कुटी गांव में करीब 2 फीट और आदि कैलास में 4 से 5 फीट तक बर्फबारी हुई है। इस बेमौसम बर्फबारी से स्थानीय स्तर पर आलू, मटर, गोभी और फापर की नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।जिले के निचले इलाकों और तहसीलों में वर्षा दर्ज की गई है।
मार्ग खुलते ही सोमवार दोपहर बाद आदि कैलास और पंचाचूली बेस कैंप के लिए डेढ़ हजार से अधिक पर्यटक व यात्री रवाना हुए।
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