आदि कैलास अल्ट्रा मैराथनः चिप और सेंसर के डाटा वेरिफिकेशन के बाद ही घोषित हुए दौड़ के नतीजे
पिथौरागढ़ में आयोजित आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन 2.0 के 42 किलोमीटर दौड़ के परिणाम अब हाई-टेक तरीके से घोषित होंगे। ...और पढ़ें
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HighLights
आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन 2.0 के परिणाम हाई-टेक होंगे।
धावकों के जूतों में माइक्रोचिप, ट्रैक पर सेंसर लगे हैं।
सटीक डेटा सत्यापन के बाद ही विजेता घोषित किए जाएंगे।
संवाद सूत्र, जागरण गुंजी (पिथौरागढ़)। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्र में आयोजित रोमांचक आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन 2.0'' की 42 किलोमीटर लंबी मुख्य दौड़ अब अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुंच चुकी है। इस बार आयोजकों ने दौड़ के परिणामों में शत-प्रतिशत पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए पूरी व्यवस्था को हाईटेक कर दिया है।
आयोजन समिति के अनुसार, धावकों की सटीक टाइमिंग और लोकेशन पर पैनी नजर रखने के लिए पूरे मैराथन रूट पर जगह-जगह अत्याधुनिक सेंसर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, दौड़ में भाग ले रहे प्रत्येक धावक के जूते में एक विशेष माइक्रोचिप लगाई गई है।
इस चिप और सेंसर नेटवर्क के माध्यम से हर प्रतिभागी की मूवमेंट का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जा रहा है। अत्यधिक ऊंचाई और कम ऑक्सीजन वाले इस बेहद चुनौतीपूर्ण ट्रैक पर 42 किमी की दूरी तय करना धावकों के लिए कड़ा इम्तिहान है।
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि दौड़ पूरी होने के बाद किसी भी तरह की मानवीय भूल या विवाद से बचने के लिए, चिप और सेंसर से प्राप्त डाटा का गहन वेरिफिकेशन किया जाएगा।
इस तकनीकी जांच के पूरी तरह संपन्न होने के बाद ही अंतिम विजेताओं की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। मैराथन में शामिल धावकों ने भी परिणामों के सटीक मूल्यांकन के लिए अपनाई गई इस पारदर्शी और उन्नत व्यवस्था की जमकर सराहना की है। की दौड़ गुजी से कुटी और फिर कुटी से गुंजी तक है।
