आदि कैलास से 116 धावक दोड़ेगें 70 किमी की दौड़, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का पर्यटन सचिव ने किया उदघाटन
पिथौरागढ़ की व्यास घाटी में आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन-2 शुरू हो रही है, जिसमें 116 धावक 70 किमी दौड़ेंगे। पर्यटन ...और पढ़ें

फाइल फोटो

समय कम है?
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संवाद सूत्र जागरण, गुंजी (पिथौरागढ़)। भारत चीन नेपाल की त्रिकोणात्मक सीमा पर स्थित व्यास घाटी के प्रमुख स्थल गुंजी से लेकर आदि कैलास तक शनिवार की प्रात: रोमांच से भरी होगी। एक तरफ जहां शून्य से नीचे तापमान की ठिठुरन डराएगी वहीं दूसरी तरफ 70 किमी की मैराथन दोड़ के लिए 116 धावक अपना दमखम दिखांएंगे।
शिव के पवित्र धाम आदि कैलास से मैराथन आरंभ होगी। यह क्षण हिमाच्छादित पर्वत श्रृखला के बीच यह एक अदभुत नजारा होगा। आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन 2 के आयोजन की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक संध्या का प्रदेश के पर्यटन सचिव धीराज गब्योल ने शुभारभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज आदि कैलास क्षेत्र धार्मिक और साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है। पर्यटन विकास के लिए शासन और सरकार स्तर पर लगातार प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास इस क्षेत्र मे नई पहचान दिलाएगा। सांस्कृतिक मंच पर रंगारंग कार्यक्रम हो रहे हैँ।
मिली जानकारी के अनुसार 70 किमी मैराथन के लिए 147 पंजीकरण हुए है।जिसमें कुछ शारीरिक अनफिट रहे हैं। 116लोग मैराथन में दोड़ेगेे। वहीं 42 किमी दोउ़ में 96 प्रतिभागी प्रतिभाग करेंगे, दस किमी दोड़ में 180 प्रतिभागी प्रतिभाग करेंगे, 5 किमी दौड़ ूमें 240 प्रतिभागी प्रतिभागी प्रतिभाग करेंगे ।21 किमी दौड़ के प्रतिभागियों की सख्या शनिवार को तय होगी।
हैली हाय के लिए तरस गए लोग
सरकार और व्यवस्था सीमा पर विकास के लाखों दावे करें परंतु आज भी संचार सुविधा में छोटे से नेपाल से कोसों पीछे हैं। यहां पर लगे जीओ और बीएसएनएन कंपनी के टावर केवल शोपीस बने हैं। एक तरफ पर्यटन विभाग 1300 धावकों के पहुंचने का दावा करता है दूसरी तरफ पंजीकरण इस दावे की पोल खोल रहा है।
सीमांत जिले में अल्ट्रा मैराथन को लेकर किसी तरह की उत्सुकता नहीं
जिस अल्ट्रा मैराथन को लेकर विभाग और सरकार बड़े दावे करती है उस आयोजन में सीमांत जिले की सहभागिता नहीं के बराबर है । सीमांत जिेले के बासियों को इस अल्ट्रा मैराथन की जानकारी तक नहीं है।
लोगों का कहना है कि लोग आदि कैलास ,ओम पर्वत के दर्शन चाहते हैं। अल्ट्रा मैराथन के नाम पर जनपदवासियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। छोटेू से देश नेपाल के संचार के आगे भारत का संचार बौना है। जिसे लेकर यहां पंहुंच ेलोगों में रोष है।रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कार सिंह धामी भी यहां पहुंचने वाले हैं अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुइ्र है।
