आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन: 14 घंटे की दौड़ में 109 धावकों ने दिखाया दम, 64 साल के पूर्भु की फिटनेस देख सब हैरान
आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन 2.0 में 64 वर्षीय पूर्भु छेरंग ने 15 हजार फीट की ऊंचाई और माइनस तापमान में दौड़ कर सबको प्रेरित किया।
HighLights
64 वर्षीय पूर्भु छेरंग ने 15 हजार फीट पर दौड़ पूरी की
72 किमी वर्ग में 109 धावकों ने 14 घंटे तक दम दिखाया
आईटीबीपी और स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक सहायता प्रदान की
जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन 2.0 में कर्नाटक के हुबली से आए 64 वर्षीय पूर्भु छेरंग ने 15 हजार फीट की ऊंचाई और माइनस तापमान में दौड़ पूरी कर सभी को चौंका दिया।
कड़ाके की ठंड में भी उनके हौसले में कोई कमी नहीं दिखी। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास और नशामुक्त जीवन ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है।
72 किमी वर्ग में 109 धावकों ने दिखाया दम, 14 घंटे की मैराथन
आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन 2.0 का मुख्य आकर्षण 72 किमी वर्ग रहा, जिसमें 109 धावकों ने हिस्सा लिया। 14 घंटे इस चुनौतीपूर्ण दौड़ में धावकों ने हिम्मत और फिटनेस का परिचय दिया।
समुद्र तल से 15 हजार फीट की ऊंचाई और माइनस तापमान के बीच दौड़ बेहद कठिन रही। धावकों के लिए जगह-जगह खाने-पीने के स्टॉल, मेडिकल कैंप और गर्म पानी की व्यवस्था की गई थी। आईटीबीपी, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार मुस्तैद रहीं।
आदि कैलास से कुटी तक लगे आईटीबीपी के छह स्टॉल
आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन 2.0 के सफल आयोजन के लिए आदि कैलास से कुटी तक छह स्थानों पर आईटीबीपी और स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष स्टॉल लगाए गए हैं।
इन स्टॉलों पर धावकों के लिए चॉकलेट, चना, नींबू पानी, ओआरएस, अंडे, पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर और दर्द निवारक स्प्रे की पूरी व्यवस्था की गई है। अधिक ऊंचाई और कम ऑक्सीजन वाले इस ट्रैक पर किसी भी धावक को परेशानी न हो, इसके लिए हर स्टॉल पर जवान तैनात किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पूरी मुस्तैदी के साथ मैराथन में जुटी हुई है। टीम में डॉ. अनुशल कोहली के नेतृत्व में फार्मेसी अधिकारी नवीन सिंह, एंबुलेंस चालक और आईटीबीपी के मेडिकल स्टाफ शामिल हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरे रूट पर जगह-जगह एंबुलेंस की तैनाती की गई है।
अधिकारियों के अनुसार 15 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर दौड़ना चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए धावकों की सेहत का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हर स्टॉल पर ऑक्सीजन लेवल चेक करने के साथ ही तुरंत उपचार की व्यवस्था है। धावकों ने इस व्यवस्था की सराहना की है।
