कोटद्वार, जेएनएन। देश के प्रतिष्ठित जमना लाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित सर्वोदय नेता मान सिंह रावत का पार्थिव शरीर गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। उनका अंतिम संस्कार गाड़ीघाट स्थित मुक्ति धाम में किया। उनके कनिष्ठ पुत्र स्नेहदीप रावत ने उन्हें मुखाग्नि दी।

बोक्सा जनजाति के उत्थान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जमना लाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित सर्वोदय नेता मान सिंह का बुधवार रात निधन हो गया था, जिसके बाद लोगों का उनके आवास पर तांता लगा हुआ था। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे हल्दूखाता स्थित उनके आवास से गाड़ीघाट स्थित मुक्ति धाम तक अंतिम शव यात्रा निकाली गई। 91 वर्षीय मान सिंह रावत अपने पीछे पत्नी शशि प्रभा रावत, तीन बेटे विनय रावत, डॉ.शील सौरभ, स्नेहदीप और दो बेटियों का भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व काबीना मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, महापौर हेमलता नेगी, पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत, पालिकाध्यक्ष पूरण सिंह रावत, गोविंद डंडरियाल, सुरेंद्र लाल आर्य, गोपाल बंसल, मान सिंह, विनोद कुकरेती, मयंक प्रकाश कोठारी, योगंबर सिंह रावत आदि मौजूद रहे। 

शोक जताया 

ब्राह्मण सभा समिति ने स्व. मान सिंह रावत के निधन पर शोक व्यक्त किया है। आचार्य राकेश चंद्र लखेड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में दीपक बौंढियाल, रोशन बलूनी, हरीश कुकरेती, मोहन काला, देवेंद्र प्रसाद, सुरेश कोठारी, सुमन काला आदि मौजूद रहे। 

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