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उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की बिसात बिछनी शुरू, गढ़ भोज दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन को संबोधित करेंगे पीएम मोदी

By KamalEdited By: Rahul Chauhan
Published: Mon, 05 Oct 2026 12:10 PM (IST)

उत्तराखंड की पारंपरिक फसलों और खाद्य विरासत को बढ़ावा देने के लिए 7 अक्टूबर को श्रीनगर में गढ़ भोज दिवस ...और पढ़ें

HighLights

  1. 7 अक्टूबर को श्रीनगर में होगा गढ़ भोज दिवस का आयोजन।

  2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में अपना संबोधन देंगे।

  3. उत्तराखंड की पारंपरिक फसलों और खाद्य विरासत को मिलेगी पहचान।

जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की पारंपरिक फसलों, पौष्टिक स्थानीय व्यंजनों और समृद्ध खाद्य विरासत को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से सात अक्टूबर को गढ़ भोज दिवस मनाया जाएगा। इसका राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन श्रीनगर के रामलीला मैदान में सुबह 11 बजे होगा।

आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी होगा। वहीं, गढ़ भोज को मिड-डे मील से जोड़ने और पारंपरिक फसलों को बाजार से जोड़ने के प्रयासों के लिए विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को पूर्व गृह सचिव, भारत सरकार के हाथों सम्मानित किया जाएगा।

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गढ़ भोज आयोजन की जानकारी देते द्वारिका प्रसाद सेमवाल

गढ़ भोज अभियान वर्ष 2000 से संचालित किया जा रहा है। सोमवार को पत्रकार वार्ता आयोजित कर आयोजक द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने बताया कि अभियान उत्तराखंड की खाद्य संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ ही स्थानीय उत्पादों, किसानों और पारंपरिक कृषि को बढ़ावा देने वाले जनअभियान का रूप ले चुका है।

कहा कि गढ़ भोज दिवस पर राज्यभर के विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में पारंपरिक अनाजों, स्थानीय व्यंजनों और खाद्य परंपराओं के संरक्षण-संवर्धन के साथ स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने, किसानों की आय बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा।

प्रसाद सेमवाल ने कहा कि गढ़ भोज दिवस पर प्रधानमंत्री का संबोधन उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह पारंपरिक भोजन को थाली और स्थानीय आर्थिकी से जोड़ने के दो दशक से अधिक समय से किए जा रहे प्रयासों का सम्मान है।

अभियान के सहयोगी डा. अरविंद दरमोड़ा ने कहा कि गढ़ भोज केवल भोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की मिट्टी, खेती, संस्कृति, जैव विविधता, स्वास्थ्य और स्थानीय आजीविका की सामूहिक विरासत है।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्र सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनकी सार्वजनिक यात्रा और राष्ट्र सेवा से जुड़े विषयों की जानकारी भी साझा की जाएगी।

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