गढ़वाली फिल्म 'घरजवैं' की मशहूर अभिनेत्री शांति चतुर्वेदी का निधन, कला जगत में शोक
गढ़वाली फिल्म 'घरजवैं' की यादगार अभिनेत्री शांति चतुर्वेदी का 30 सितंबर को मुंबई में निधन हो गया, जिससे उत्तराखंड के ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता हरिद्वार। पहाड़ की बोली, संस्कृति और रिश्तों को बड़े पर्दे पर जीवंत करने वाली गढ़वाली फिल्म ‘घरजवैं’ की यादगार अभिनेत्री शांति चतुर्वेदी का मुंबई में उपचार के दौरान 30 सितंबर को निधन हो गया। उनके निधन की खबर से उत्तराखंड के कला और फिल्म जगत में शोक की लहर है।
फिल्म में उनके निभाए ‘माला’ के किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई थी। आज भी ‘घरजवैं’ का जिक्र होते ही माला और शांति चतुर्वेदी का चेहरा दर्शकों की स्मृतियों में उभर आता है।

गढ़वाली सिनेमा के इतिहास में ‘घरजवैं’ का एक अलग स्थान है। 1980 के दशक में आई इस फिल्म ने क्षेत्रीय सिनेमा को व्यापक पहचान दिलाई। उपलब्ध प्रकाशित संदर्भों के अनुसार फिल्म दिल्ली के संगम सिनेमा हॉल में लगातार 29 सप्ताह तक प्रदर्शित हुई थी।
इसे 35 एमएम में बनी चर्चित गढ़वाली फिल्मों में भी गिना जाता है। शांति चतुर्वेदी का फिल्मी सफर केवल ‘घरजवैं’ तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने राजस्थानी और हरियाणवी फिल्मों में भी अभिनय किया और बाद में मुंबई में रहकर नृत्य प्रशिक्षण तथा कला से जुड़ा कार्य जारी रखा।
‘घरजवैं’ की शूटिंग से जुड़े पुराने संस्मरणों में बताया गया है कि फिल्म में उनकी एंट्री भी एक रोचक घटनाक्रम के बाद हुई थी। वह मूल रूप से फिल्म की नायिका नहीं थीं, लेकिन बाद में उन्हें माला की भूमिका मिली और उन्होंने इसे यादगार बना दिया।

‘घरजवैं’ की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके गीत और संवाद लंबे समय तक उत्तराखंड के लोगों की जुबान पर रहे। फिल्म के गीतों से जुड़े संस्मरणों में दर्शकों की शूटिंग देखने के प्रति उत्साह का भी उल्लेख मिलता है।
शांति चतुर्वेदी के निधन से उत्तराखंड के उस दौर की सिनेमाई स्मृतियों का एक जीवंत चेहरा विदा हो गया। हालांकि ‘माला’ के रूप में उनका अभिनय और ‘घरजवैं’ से जुड़ी उनकी यादें उत्तराखंड के सिनेमाई इतिहास में लंबे समय तक जीवित रहेंगी।
‘घरजवैं’ फिल्म के अभिनेता बलराज नेगी ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज मेरी ‘घरजवैं’ फिल्म की नायिका शांती चतुर्वेदी हमारे बीच नहीं रहीं, भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।
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