यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जज्बे को सलाम, उम्र 81 वर्ष; प्रथम श्रेणी से किया एमए
पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार क्षेत्र में एक वृद्ध ने 81 वर्ष की उम्र में एक की परीक्षा पास कर मिसाल पेश की है।

कोटद्वार, [जेएनएन]: पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। जब चाहो तब शुरू हो जाओ। ऐसा ही कमाल कर दिखाया है 81 वर्ष एक वृद्ध ने। इस वृद्ध ने इस उम्र में एमए मनोविज्ञान की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास कर मिसाल पेश की है। आइए जानते हैं उनके बारे में।
हम बात कर रहे हैं कोटद्वार के ग्राम रतनपुर (कुंभीचौड) निवासी वरिष्ठ पत्रकार योगानंद पांथरी (योगेश पांथरी) की। इन्होंने 81 वर्ष की उम्र में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सबसे बुजुर्गतम छात्र के रूप में एमए मनोविज्ञान की परीक्षा दी। परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास कर वह सबके प्ररेणा स्रोत बन गए हैं।
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आज उत्तराखंड ओपन विवि की स्थानीय इकाई में आयोजित कार्यक्रम में बुजुर्गतम छात्र श्री पांथरी को संस्थान संचालक डॉ. एनके जखमोला ने सम्मानपूर्वक अंकतालिका प्रदान की। इस दौरान डॉ. एनके जखमोला ने कहा कि श्री पांथरी हमारी संस्था पूरे उत्तराखंड के लिए लिए प्रेरणा के स्रोत हैं और इससे छात्रों को उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।