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सेना की तेज तर्रार रेजिमेंट गढ़वाल राइफल्स, उत्तराखंड में कर रही खास काम... एनएसए और सीडीएस ने की तारीफ

Published: Sun, 20 Sep 2026 10:31 AM (IST)Updated: Sun, 20 Sep 2026 10:34 AM (IST)

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने लैंसडौन में गढ़वाल राइफल्स के प्रयासों की सराहना की।

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अनुज खंडेलवाल, लैंसडौन। लैंसडौन की हरियाली व प्राकृतिक सौंदर्य ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

दरअसल, लैंसडौन भ्रमण के दौरान दोनों शीर्षस्थ अधिकारियों के समक्ष देश की तेज तर्रार गढ़वाल राइफल्स का एक ऐसा पक्ष सामने आया, जो सैन्य प्रशिक्षण व युद्धक तैयारियों से अलग प्रकृति व पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है।

अजीत डोभाल ने की सराहना

विभिन्न गतिविधियों का जायजा लेने के दौरान लैंसडौन में सेना की ओर से किए जा रहे पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को उन्होने सराहना की है।

शनिवार को गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में निरीक्षण के दौरान एनएसए अजीत डोभाल व सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने गढ़वाल राइफल्स की विभ गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने गढ़वाल राइफल्स की हरित कार्य संस्कृति, जलस्त्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता, जैव विविधता व प्राकृतिक संसाधनों को सहजने के प्रयासों को देख इनकी सराहना की।

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प्राकृतिक विरासत को बनाएं रखने की कोशिश

दोनों अधिकारियों के समक्ष लैंसडौन की प्राकृतिक विरासत को बनाएं रखने के साथ उसे पर्यटन से जोड़ने को सोच दिखाई दी। भुल्ला ताल के निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने पाया कि यह ताल नौकायन के लिए पर्यटकों की पहली पसंद तो है। साथ ही ताल में पारिस्थितिक महत्व को ध्यान में रखा गया है। ताल में करीब तीन हजार गोल्डन फिश छोड़ी गईं और एंगलिंग को पर्यटन गतिविधि से जोड़ने की पहल की गई है।

दोनों अधिकारियों को बताया गया कि गढ़वाल राइफल्स को 2003 में इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार के अलावा बेस्ट क्लीन, ग्रीन व सतत विकास प्रतियोगिता-2025 में पांच हजार व इससे कम आबादी वाले सैन्य स्टेशनों में पहला स्थान प्राप्त किया है। वर्ष 2004 में सेट्रल कमांड लखनऊ के स्तर पर हुई बेस्ट क्लीन, ग्रीन व सतत विकास प्रतियोगिता में भी प्रथम स्थान हासिल किया है।

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निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि नगर में जल संरक्षण के लिए तीन चैक डैमों का निर्माण किया गया, जिससे सूख चुके जलस्त्रोतों को पुर्नजीवित किया जा सका है। कूड़ा प्रबंधन के लिए चाल-खाल का निर्माण, गौरव सैनानी झील, वीर सिंह लाइन समेत भुल्ला ताल इसमें मुख्य रूप से शामिल है।

सेना की ओर से बुरांस वाटिका का निर्माण के अलावा बीते वर्ष पांच हजार से अधिक पौधों का रोपण प्रकृति के संरक्षण के लिए किया गया है। निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि लैंसडौन की स्वच्छता देखकर वे विशेष रूप से अभिभूत हुए है। नगर की स्वच्छता को लेकर उन्हें गढ़वाल राइफल्स की पीठ थपथपाई।